रायबरेली-टीबी उन्मूलन में जुटे संविदा कर्मियों की पुकार : स्थायी समायोजन को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

रायबरेली-टीबी उन्मूलन में जुटे संविदा कर्मियों की पुकार : स्थायी समायोजन को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

-:विज्ञापन:-

रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824


वर्षों से एनटीईपी में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों ने मांगी सेवा सुरक्षा, समान मानदेय नीति और मूलभूत सुविधाएं

लखनऊ। प्रदेश में क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों की आवाज अब तेज हो गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) में वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों ने अपने स्थायी समायोजन की मांग को लेकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन उत्तर प्रदेश क्षय रोग वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक (संविदा) संघ की ओर से प्रेषित किया गया है।
           संघ का कहना है कि एनटीईपी के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारी राज्यभर में टीबी नियंत्रण एवं उन्मूलन की रीढ़ बने हुए हैं। वे मरीजों की पहचान, जांच की व्यवस्था, उपचार प्रारंभ कराना, दवा वितरण, उपचार उपरांत निगरानी, डेटा रिपोर्टिंग तथा जन-जागरूकता जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों का दायित्व संभालते हैं। कोविड महामारी जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी इन कर्मियों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर निष्ठापूर्वक सेवाएं दीं, जिससे प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन हासिल हुआ। इसके बावजूद, वर्षों की सेवा के बाद भी ये कर्मचारी संविदा व्यवस्था में कार्य करने को विवश हैं। संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि अस्थायी सेवा व्यवस्था के कारण कर्मचारियों को भविष्य की असुरक्षा, आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। न तो सेवा सुरक्षा है और न ही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का समुचित लाभ मिल पा रहा है। संघ ने सरकार से मांग की है कि एनटीईपी में कार्यरत कर्मियों के लिए स्थायी पद सृजित कर समायोजन किया जाए। साथ ही समान एवं समयबद्ध मानदेय नीति, भविष्य निधि (पीएफ), स्वास्थ्य सुरक्षा, अवकाश और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्र ने कहा कि कर्मचारी वर्षों से पूरी ईमानदारी से जनसेवा में लगे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए शीघ्र निर्णय लेने और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने की अपील की है।