यूजीसी को लेकर अधिवक्ताओं में दिखा आक्रोश, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

यूजीसी को लेकर अधिवक्ताओं में दिखा आक्रोश, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

-:विज्ञापन:-


रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647


महाराजगंज रायबरेली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा प्रस्तावित भेदभाव विरोधी कानून को लेकर सामान्य वर्ग के अधिवक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा है। मंगलवार को महाराजगंज तहसील परिसर में सामान्य श्रेणी के अधिवक्ताओं ने लामबंद होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस कानून को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विद्यासागर अवस्थी, देवी प्रसाद, सुरेंद्र श्रीवास्तव, भूपेश मिश्रा, पंकज प्रकाश श्रीवास्तव आदि ने कहा कि यूजीसी का नया कानून सामान्य श्रेणी के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। यह कानून शिक्षण संस्थानों में नई विसंगतियां पैदा करेगा। शैक्षणिक वातावरण में समानता के बजाय यह कानून विभाजन कारी साबित होगा। तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन करने के पश्चात अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी गौतम सिंह से मिला। उन्होंने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम गौतम सिंह को सौंपकर कानून को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की। अधिवक्ताओं ने दो टूक शब्दों में शासन को चेतावनी दी है कि यदि इस कानून को वापस नहीं लिया गया, तो यह विरोध केवल तहसील स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस मौके पर एडवोकेट कृष्ण कुमार शुक्ला, सुशील पाण्डेय, शैलेन्द्र सिंह, सतीष चंद द्विवेदी, ज्योति प्रकाश अवस्थी, नागेंद्र सिंह, अमित सिंह, अतुल पांडेय, मनीष तिवारी, अमित शुक्ला, सत्य प्रकाश मिश्रा, सर्वेश अवस्थी, समेत दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे।