रायबरेली के लालगंज बाईपास पर फर्राटा भर सकेंगे वाहन, रायबरेली के लोगों को मिलेगी जाम से राहत
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
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रायबरेली-लंबे इंतजार के बाद बाईपास को आवागमन के लिए शनिवार की दोपहर खोल दिया गया है। इससे नगर में लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही आवागमन भी सुलभ होगा।
लालगंज-फतेहपुर मार्ग को लालगंज-रायबरेली मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सेमरपहा गांव के पास से गोविंदपुर वलौली तक वर्ष 2018 में बाईपास का निर्माण कराया गया।
दिसंबर 2018 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकार्पण किया था, लेकिन महज पांच माह बाद ही चकपंचम गांव के सामने रेल पटरियों पर बने रेलओवर ब्रिज के आर्च हैंगर में दरार आ जाने के चलते मई 2019 में बाईपास पर आवागमन बंद कर दिया गया था।
प्रदर्शन के बाद आरओबी काटकर दोबारा सड़क बनाई
इसको लेकर लोगों ने कई बार प्रदर्शन और अनगिनत शिकायतें की, जिसके बाद 60 मीटर लंबे आरओबी को काटकर दोबारा सड़क बनाई गई और सितंबर 2025 में इसे फिर चालू कराया गया। मगर यह भी मात्र 15 दिन ही चल सका। बीच में सड़क धंस जाने से उस पर लोहे की चादरें डाल दी गईं। तीन माह तक राहगीर जान जोखिम में डालकर इन्हीं चादरों के ऊपर से आते-जाते रहे।
जनवरी 2026 में एक बार फिर से पत्थर रखकर बाईपास पर आवागमन बंद कर दिया गया और सड़क तोड़कर फिर से स्लैब डाली गई। शनिवार की दोपहर कर्मचारियों ने जेसीबी से पत्थर हटाकर मार्ग को आवागमन के लिए फिर से खोला है।
हालांकि सेमरपहा से लेकर वलौली गांव तक खराब हो चुकी सड़क को भी दोबारा बनाने का काम तेजी से चल रहा है। बाईपास खुलने से लोगों में हर्ष तो है, लेकिन लोग ये चर्चा कर रहे हैं कि इस बार यह मार्ग कितने दिन चलता है, ये देखने वाली बात होगी। बहरहाल बाईपास पर आवागमन शुरू होने से लोगों में नगर के अंदर लगने वाले जाम से कुछ हद तक निजात मिलने की उम्मीद जगी है।

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