देश की पहली एआई-ऑगमेंटेड प्राइवेट यूनिवर्सिटी सीयू यूपी ने लॉन्च किए 21 मल्टीडिसिप्लिनरी पीएच.डी. प्रोग्राम्स

देश की पहली एआई-ऑगमेंटेड प्राइवेट यूनिवर्सिटी सीयू यूपी ने लॉन्च किए 21 मल्टीडिसिप्लिनरी पीएच.डी. प्रोग्राम्स

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रिपोर्ट - अमन श्रीवास्तव 
मो - 8115983620

रायबरेली: ग्लोबल फैकल्टी, हाई-टेकलैब्स और फुल फंडेड प्रोजेक्ट्स के साथ उत्तर प्रदेश का रिसर्च-इंटेंसिव हब बनेगी सीयूयूपीयूपी में पहली बार पीएचडी स्कॉलर्स को मिलेंगी हाई-एंडरिसर्च लैब्स, सेंटर ऑफ एक्सिलेंस, एप्पल विज़न प्रो लैब,एआईएमएल रिसर्च सेंटर और विश्व के टॉप 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों का मार्गदर्शनसीयू यूपी बनेगा उत्तर प्रदेश का रिसर्च-इंटेंसिव हब, नएपीएच.डी. प्रोग्राम्स के साथ कृषि, हेल्थकेयर, सस्टेनेबल डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स औरक्वांटम रिसर्च को मिलेगा बड़ा बूस्टसीयू यूपी ने वर्ल्ड टॉप यूनिवर्सिटीज़ की तर्ज पर डिजाइनकिए पीएचडी प्रोग्राम्सःएआई-ड्रिवन रिसर्च लैब्स,ग्लोबलफैकल्टी, फुल-फंडेड प्रोजेक्ट्स और नेशनल और ग्लोबल जर्नल पब्लिकेशन के अवसरसीयू यूपी ने 21 पीएचडी प्रोग्राम कियेलांच ; ‘चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी रिसर्च एप्टीट्यूड टेस्ट’ (सी.यू.आर.ए.टी) के माध्यम से मिलेगाप्रवेशदेश की टॉप रिसर्च लिगेसी अब उत्तर प्रदेश में: चंडीगढ़यूनिवर्सिटी यूपी कैंपस से खुलेगा वर्ल्ड-क्लास इनोवेशन और रिसर्च का नया अध्यायःडॉ अजय यादव, रजिस्ट्रार, सीयू यूपी   रायबरेली, 19 दिसंबर: चंडीगढ़यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश जिसे देश की पहली निजी एआई-ऑगमेंटेड प्राइवेटयूनिवर्सिटी के रूप में मान्यता प्राप्त है, ने उत्तर प्रदेश केरिसर्च क्षेत्र की शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्णकदम उठाया है। यूनिवर्सिटी ने प्रदेश में एक मजबूत रिसर्च इकोसिस्टम बनाने केउद्देश्य से अपने पीएच.डी. प्रोग्राम्स की शुरुआत की है, जिसे रिसर्च-ड्रिवन एजुकेशन को नई दिशा देने का एक दूरदर्शी प्रयास माना जारहा है। सीयू यूपी का लक्ष्य एक ऐसी रिसर्च-इंटेंसिव यूनिवर्सिटी के रूप में खुदको स्थापित करना है जो नॉलेज, इनोवेशन और रिसर्च एक्सीलेंस का हब हो। इस पहल के तहत, यूनिवर्सिटी नेइंजीनियरिंग, कम्प्यूटर साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मेसी, डेटा साइंसेज़, मैनेजमेंट, लॉ और लिबरल आर्ट्स जैसे 21 एआई-ड्रिवन डिसिप्लिन्स में पीएचडी प्रोग्रामलॉन्च किए हैं, और जनवरी 2026 बैच के लिए प्रवेशप्रक्रिया शुरू कर दी है। रायबरेली में अपने पीएचडी प्रोग्राम्स की आधिकारिकलॉन्चिंग के अवसर पर सीयू यूपी के रजिस्ट्रार डॉ अजय यादव ने कहा की भारत की पहलीएआई-ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी होने के नाते, सीयू यूपी रिसर्च स्कॉलर्स को एआई की मदद से फ्यूचर ओरिएंटेड रिसर्च करने काएक अनूठा प्लेटफ़ॉर्म देगी, जिसमें फुल-टाइम और पार्ट-टाइम मोड उपलब्ध हैं।वहीं योग्य छात्रों को 35,000 रुपये प्रति माह फेलोशिप का लाभ भी मिलेगा।उन्होंने बताया की चंडीगढ़यूनिवर्सिटी यूपी नेशनल और ग्लोबल रिसर्च संस्थानों के साथ एमओयू बढ़ाकरफील्ड-ओरिएंटेड रिसर्च को प्रोत्साहित भी करेगी। इसी क्रम में सीयू यूपी नेदुनियाभर से 20 से अधिक टॉप क्यूएस रैंक्ड यूनिवर्सिटीज सेएमओयू भी किया है। एआई ड्रिवेन रिसर्च लैब्स, टॉप ग्लोबल यूनिवर्सिटीज़से एमओयू, विश्व के टॉप 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों कीफैकल्टी, पेटेंट नेशनल व इंटरनेशनल जर्नल पब्लिकेशन अपॉर्चुनिटीज, साथ ही ए-रेटेड जर्नलों में प्रकाशन के अवसर और इंडस्ट्री व सरकारी संस्थाओंके साथ फंडेड प्रोजेक्ट्स जैसी सुविधाएँ सीयू यूपी को रिसर्च के लिए एक बेहतरीनविकल्प बनाती हैं साथ ही इंडस्ट्री और अकैडिमिया के बीच के गैप को भी कम करतींहैं। डॉक्टोरल और पोस्ट-डॉक्टोरल स्कॉलर्स दोनों को विशेष मेंटरशिप प्राप्त होगीऔर उन्हें आई.ई.ई.ई, स्प्रिंगर, एल्सेवियर जैसे टॉपरिसर्च डेटाबेस तक अनलिमिटेड एक्सेस मिलता है। इनोवेटिव आइडियाज़ को बढ़ावा देनेके लिए सीड फंडिंग और इन्क्यूबेशन सपोर्ट भी उपलब्ध है।चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लंबेसमय से रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में देश की टॉप यूनवर्सिटीज में शामिल रहीहै। यूनिवर्सिटी की इस मजबूत रिसर्च लिगेसी में 21,000 से अधिकस्कोपस-इंडेक्स्ड पब्लिकेशन्स, 5,300 से अधिक विभिन्नक्षेत्रों में दायर पेटेंट, 1,72,800 से अधिक स्कोपस साइटेशन्स,115 जैसा प्रभावशालीएच-इंडेक्स, 90 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी फंडेड रिसर्चप्रोजेक्ट्स और 200 से अधिक एक्टिव डिपार्टमेंटल रिसर्च ग्रुप्स शामिल हैं। अब इसीएक्सिलेंट रिसर्च कल्चर और इनोवेशन - ओरिएंटेड विज़न को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी अपनेउत्तर प्रदेश कैंपस में भी ले कर आ रही है, जिससे यूपी के छात्रों कोवर्ल्ड-क्लास रिसर्च अवसर मिल सकें।सेलेक्शनक्राइटेरिया और पात्रताः इन प्रोग्राम्सके लिए चयन प्रक्रिया ऑनलाइन आवेदन,एंट्रेंस एग्ज़ाम, इंटरव्यू और रिसर्च प्रपोज़ल पर आधारित है, हालांकि नेट/ गेट/जीपीएटी/ एमफिल योग्यता वाले उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्ज़ाम से छूट मिलेगी।पात्रता के लिए मास्टर डिग्री में 55 प्रतिशत या 4-साल की बैचलर डिग्री में 75 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। सीयू यूपी में रिसर्च स्कॉलर्स को अपनी पसंद काको-गाइड चुनने की सुविधा दी गई है। इसके तहत वे ग्लोबल फैकल्टीज़ से मार्गदर्शनप्राप्त करने का विकल्प भी रखते हैं।पीएचडी प्रवेशपरीक्षाः आवेदनकर्ता के लिएआवश्यक है कि वह पीएच.डी. प्रवेश परीक्षा 'चंडीगढ़ यूनिवर्सिटीरिसर्च एप्टीट्यूड टेस्ट' (सी.यू.आर.ए.टी) या यूजीसी/सीएसआईआर जैसी किसीकेंद्रीय संस्था द्वारा आयोजित समकक्ष परीक्षा को उत्तीर्ण करे। जिनका इंटरव्यूसंबंधित विभागीय रिसर्च कमेटी द्वारा किया जाएगा।देश-प्रदेश केविकास से जुड़े रिसर्च फील्ड्स पर फोकसः सीयू यूपी विशेष रूप से उन रिसर्च फील्ड्स पर फोकस कर रहाहै, जो प्रदेश और देश दोनों के विकास को सीधे प्रभावित करतेहैं। कृषि, सस्टनेबल डेवलपमेंट, हेल्थकेयर, साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स, क्वांटम कम्प्यूटिंग और मशीन लर्निंग जैसेविषयों पर रिसर्च को मजबूत करते हुए यूनिवर्सिटी ऐसे स्कॉलर्स तैयार करेगी, जो फ्यूचर की आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित कर सकें।हाइटेक सेंटर्सऑफ एक्सीलेंस और मॉडर्न लैब्सः रिसर्चइंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए सीयू यूपी ने हाइटेक सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंसऔर मॉडर्न लैब्स की स्थापना की है। इनमें माइक्रोसॉफ्ट सेंटर ऑफ एक्सिलेंस, एसएएस एनालिटिक्स लैब, एप्पल विज़न प्रो लैब, एआई एमएल रिसर्च सेंटर और क्विक हील साइबर डिफेन्स हब शामिल हैं। यह सुविधाएँरिसर्च स्कॉलर्स को उच्च स्तर की तकनीकी क्षमता प्रदान करेंगी और पेटेंट जेनरेशन वस्टार्ट-अप क्रिएशन को नई गति देंगी जो किसी भी हाइटेक रिसर्च यूनिवर्सिटी कीपहचान मानी जाती है।छह मेन स्ट्रीम्समें कुल 68 फ्यूचर ओरिएंटेड प्रोग्राम प्रदान करेगी सीयू यूपीः सत्र 2026-27 के में सीयू यूपी इंजीनियरिंग, बिजनेस, हेल्थ और लाइफ साइंसेज, ह्यूमैनिटीज, लिबरल आर्ट्स और लीगल स्टडीज जैसे प्रमुखक्षेत्रों में 40 ग्रेजुएट और 16 पोस्टग्रेजुएट ग्रेजुएट समेत 12 कोर्सेज मेंलैटरल एंट्री प्रोग्राम्स भी उपलब्ध कराये जाएंगे। वहीं इन कोर्सेज में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एसएएस, आईबीएम, रैबिट एआई, क्विक हील, केपीएमजी, एनएसई, पीडब्ल्यूसी और ग्रांट थॉर्टन जैसी कंपनियोंद्वारा 15 कोर्सज पेश कर रही है।सीयू यूपी 23 कंपनियों के साथ इंडस्ट्री-कोलैबरेटिव प्रोग्राम्स पेश कर रही है। इसके साथ हीअपने सत्र की शुरूआत के पहले ही वर्ष में 100 से अधिक कंपनियों के साथकॉर्पोरेट एडवाइजरी बोर्ड (सीएबी) का गठन भी किया है। छात्र छात्राओंको मिलेगी करोड़ों की स्कॉलरशिपः देश की टॉप प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में शुमार चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी कैंपस2026–27 शैक्षणिक सत्र में अपने छात्र–छात्राओं को 50 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिपप्रदान करेगा। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की यह नई पहल यूपी के युवाओं को एआई आधारितगुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करने में मदद करेगी और उत्तरप्रदेश को डिजिटल और तकनीकी विकास के क्षेत्र में एक नई दिशा मिलेगी। जिसकेफलस्वरूप देश को एआई के क्षेत्र में वैश्विक पटल पर खुद को बढ़ाने का अवसर भीप्राप्त होगा। यूपी के स्टूडेंट्स सीयू–सीईटी के माध्यम से आवेदन कर लाभ लेसकेंगे।साइंटिफिक रिसर्चके लिए अतिरिक्त सीवी रमन स्कॉलरशिपः चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने सत्र 2026–27 के छात्र–छात्राओं को अन्य स्कॉलरशिप केअतिरिक्त वैज्ञानिक अनुसंधान के साधन उपलब्ध कराने के लिए सीवी रमन स्कॉलरशिप केमाध्यम से तीन करोड़ रुपये की अतिरिक्त छात्रवृत्ति प्रदान करने की घोषणा की है।जो इनोवेशन और रिसर्च की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए के साथ ही शोध के क्षेत्रमें किसी भी आर्थिक व्यवस्थाओं के समाधान में सहायक होगी।चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तरप्रदेश: एआई, इनोवेशन, स्टार्टअप और ग्लोबल एजुकेशन का नया हबः सीयू यूपी के रजिस्ट्रार डॉ अजय यादव ने 2026  पोर्टल लॉन्च करते हुए कहा की  सीयूसीईटी के माध्यम से छात्र-छात्राएं स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर  सकते हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी अपने कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीयूसीइटी) में प्राप्त अंकों के आधार पर प्रवेश देती है। इच्छुक उम्मीदवार यूनिवर्सिटी की वेबसाइट https://cucet.cuchd.in के माध्यम से प्रवेश व स्कॉलरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है साथ ही सीयूसीईटी से संबंधित अधिक जानकारी के लिए 18002701411 टोल फ्री परभी संपर्क कर सकते है। जिसका लक्ष्य हजारों छात्रों के शैक्षणिक सपनों को साकार करने के साथ ही इसके मध्य आने वाले तमाम आर्थिक बाधाओं का निवारण कर आने वाली पीढ़ी को रोजगार और एआई के क्षेत्र में नए अवसर तलाशने व अपने कौशल को सुधारने का सुलभ अवसर भी देना है।उन्होंने बताया की उत्तर प्रदेशके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा देश की पहली एआई-ऑगमेंटेड प्राइवेटयूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तरप्रदेश के उद्घाटन के बाद, सीयू यूपी नेअपने पहले ही सत्र में कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। भारत की पहली निजी एआई-सपोर्टेडमल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी के रूप में, संस्थान ने एआई टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, स्टार्टअप्स और ग्लोबल एजुकेशन के क्षेत्र में तेजी सेमजबूत पहचान बनाई है। उद्योग विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने यूनिवर्सिटीमें ‘कैंपस टैंक’ का शुभारंभ किया, जो युवाओं के लिए देश का पहला यूनिवर्सिटीबेस्ड स्टार्टअप लॉन्चपैड है। छह मिलियन यूएस डॉलर की फंडिंग वाले इस प्लेटफ़ॉर्मने 1,000 से अधिक स्टार्टअप्स को जोड़ा और शीर्ष 10 स्टार्टअप्स को निवेश दिलाने में मदद की। इसी के साथ, सीयू यूपी ने ‘सीयू एआई स्पेस’ भी लॉन्च किया, जो स्टूडेंट्स, स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री के लिए एआई-आधारित रिसर्च एवं इनोवेशन का आधुनिककेंद्र बनेगा।सीयू यूपी ने अपने पहले ही सेशनमें माइक्रोसॉफ्ट एआई बूटकैम्प का आयोजन किया, जहाँ माइक्रोसॉफ्ट की लिपिका शर्मा ने इसे देश का पहला एआई-सपोर्टेड कैंपसबनाने की सराहना की। यह प्रोग्राम आईआईटी दिल्ली और सीयू टीबीआई के सहयोग से आयोजित हुआ और इसमें छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी एआई और टेकस्किल्स सिखाई गईं।वहीं सीयू यूपी ने हाल ही में ग्लोबलएजुकेशन को मजबूती देते हुए, यूनिवर्सिटीने यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूकैसल, ऑस्ट्रेलियाके साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया, जिसके माध्यम से छात्रों को एक्सचेंज प्रोग्राम, संयुक्त शोध और अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप जैसे अवसर प्राप्त होंगे। महिला सशक्तिकरण की दिशा में, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ‘सीयूबीई - सीयूबिज़नेस एंड एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर’ और ‘नारी योजना’ का शुभारंभ किया, जो महिलाओं को तकनीक, स्टार्टअप, शोध और आत्मनिर्भरता के नएअवसर प्रदान करेगा। इन सभी उपलब्धियों ने मिलकर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेशको देश का तेजी से उभरता हुआ एआई, इनोवेशन औरस्टार्टअप हब बना दिया है।वहीं सीयू यूपी ने शिक्षा केक्षेत्र में एक नया कीर्तीमान रचते हुए एडवांस्ड क्रेडिट प्रोग्राम की शुरुआत कीहै। सीयू यूपी ये प्रोग्राम्स लांच करने वाली यूपी की पहली यूनिवर्सिटी भी बन गईहै। 'एडवांस्ड क्रेडिट प्रोग्राम' एक अनोखी पहल है जिसके तहत छात्र अपनी औपचारिक डिग्री शुरू करने से पहले हीग्लोबली मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट्स और इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स प्राप्त कर सकतेहैं गौरतलब है की नई शिक्षा नीति के तहत उत्तर प्रदेश के छात्रों के सर्वांगीणविकास के लिए सीयू यूपी यह सभी 60 हाइडिमांडकोर्सेज पूरी तरह से निःशुल्क ऑफर कर रही हैं।इस अवसर पर सीयूयूपी के पीएचडी कोऑरडिनेटर डॉ उमाशंकर ने बताया की सीयू यूपी के पी.एच.डी. प्रोग्राम इस तरह डिज़ाइन किए गएहैं कि स्कॉलर्स को हाई-क्वालिटी रिसर्च एन्वायरनमेंट, क्रिटिकल थिंकिंग और एडवांस्ड स्कॉलरशिप का मज़बूत एक्सपोज़र मिले। हमारेप्रोग्राम टॉप रैंक्ड यूनिवर्सिटीज़ के स्टैंडर्ड्स पर बेस्ड हैं, जहाँ स्कॉलर्स को रिगरस कोर्सवर्क, रिसर्च मेथडोलॉजीट्रेनिंग और इंटरनेशनल कोलैबोरेशन का बेनिफिट मिलता है। इंडिया की फर्स्ट प्राइवेटए.आई.-ऑगमेंटेड यूनिवर्सिटी होने के नाते, सी.यू. उत्तर प्रदेश मेंफॉरेन-ट्रेन्ड पोस्ट-डॉक्टरेट फैकल्टी हैं, जिनका स्ट्रॉन्गबैकग्राउंड क्यू-वन/क्यू-टू  पब्लिकेशन्स, फंडेड प्रोजेक्ट्स और यूटिलिटी पेटेंट्स में है। कैंपस में ए.आई./एम.एल. लैब, माइक्रोसॉफ्ट सी.ओ.ई., एस.ए.एस. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एप्पल विज़न प्रो लैब जैसी एडवांस्ड फैसिलिटीज़ उपलब्ध हैं, जो स्कॉलर्स को नेक्स्ट-जेनेरेशन रिसर्च करने में सपोर्ट करती हैं। रिसर्चस्कॉलर्स को स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट लैब्स, इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेडरिसर्च अपॉर्चुनिटीज़ और नेशनल व इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स की मेंटरशिप मिलती है।हमारा लक्ष्य यह है कि हम फ्यूचर-रेडी रिसर्चर तैयार करें, जो ग्लोबल रिसर्च इकोसिस्टम में मीनिंगफुल कॉन्ट्रिब्यूशन दें और सोसाइटी वइंडस्ट्री के लिए इम्पैक्टफुल सॉल्यूशन्स क्रिएट कर सकें।