रायबरेली-शाम होते ही अंधेरे में डूब जाते हैं सीएचसी,मुख्य चौराहा व बस स्टाप, जिम्मेदार मौन,,,,

रायबरेली-शाम होते ही अंधेरे में डूब जाते हैं सीएचसी,मुख्य चौराहा व बस स्टाप, जिम्मेदार मौन,,,,

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     रिपोर्ट-सागर तिवारी 

ऊंचाहार-रायबरेली-: सीएचसी, बस स्टाप समेत कस्बा मुख्य चौराहे को जगमग करने के लिए एनटीपीसी परियोजना द्वारा लाखों रुपए खर्च कर हाईमास्ट लाइटें लगवाई गई थी। जो जिम्मेदारों की देखरेख के अभाव में चंद दिनों में ही खराब हो गई। यही वजह है कि शाम होते ही इन स्थानों पर अंधेरे का साम्राज्य स्थापित हो जाता है। कस्बा वासियों द्वारा इन खराब पड़ी लाइटों को सही कराए जाने की कई बार आवाज उठाई गई। लेकिन जिम्मेदारों की अनसुनी के चलते समस्या बनी हुई है।
       सीएचसी में रात दिन मरीजों तथा तीमारदारों की आवाजाही बनी रहती है। अंधेरे से चलते इनके साथ कोई अप्रिय घटना घटित न हो जाए इसलिए एनटीपीसी परियोजना द्वारा करीब 10 लाख रुपए की लागत से सीएचसी के मुख्य द्वार पर हाईमास्ट लाइट लगवाकर नगर पंचायत के सुपुर्द कर गई। इसके बाद शाम होते ही इस लाइट का प्रकाश चारों ओर जगमगा उठता था। लेकिन करीब दो वर्ष से अधिक समय से ये लाइटें खराब पड़ी हैं। नगर पंचायत से मांग के बाद जिम्मेदारों द्वारा हाई मास्टलाइट को बनवाने के बजाय पोल में एक स्ट्रीट लाइट बंधवा दी गई। यही हाल बस स्टाप का भी है, करीब दो वर्ष रात के समय एक तेज रफ्तार ट्रक ने अनियंत्रित होकर हाईमास्ट लाइट के पोल से टकरा गई। नतीजा पोल टूटकर सड़क पर आ गिरा था। नगर पंचायत द्वारा इस टूटे पोल की मरम्मत कराने के बजाय उठवाकर हाईवे के किनारे रखवा दिया गया था। एसे में शाम होते ही यहां भी अंधेरा छा जाता है। ऐसे बस स्टाप पर खड़े होकर बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों के साथ दुर्घटनाएं घटित होने की संभावनाएं बनी रहती है। इसके अलावा कस्बा मुख्य चौराहा व खरौली रोड पर भी रात में जगमग करने के लिए लगाई गई हाईमास्ट लाइट करीब एक वर्ष से खराब है। कस्बा के उवैस मंसूरी, मुन्ना यादव, प्रमोद गुप्ता,  प्रियांशु मौर्य, साहब नकवी, अरविंद कुमार साहू आदि का कहना है कि लाइटें बनवाने के लिए कई बार नगर पंचायत से लिखित व मौखिक रूप में अनुरोध किया गया। लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसकी वजह से शाम होते ही समूचे कस्बे में अंधेरा छा जाता है। इस बाबत नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सिकंदरादित्य ने बताया कि धनाभाव के चलते हाईमास्ट लाइटों की मरम्मत नहीं हो सकी है। बजट आते ही सभी हाईमास्ट लाइटों के साथ अन्य खराब पड़ी लाइटों को भी सही कराया जाएगा।