रायबरेली-पैतृक जमीन पर जबरन रास्ता बनवाने का आरोप, ग्राम प्रधान–लेखपाल पर मिलीभगत का गंभीर दावा*

रायबरेली-पैतृक जमीन पर जबरन रास्ता बनवाने का आरोप, ग्राम प्रधान–लेखपाल पर मिलीभगत का गंभीर दावा*

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*पीड़ित किसान ने दी मुख्यमंत्री तक जाने की चेतावनी, प्रशासन पर कार्रवाई न करने के आरोप*

महराजगंज तहसील क्षेत्र के पूरे गयाबक्सा का पुरवा मजरे, पोखरनी गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित किसान ने ग्राम प्रधान, प्रधान प्रतिनिधि और हल्का लेखपाल पर मिलीभगत कर उसकी पैतृक भूमि पर जबरन रास्ता निकलवाने और लगातार मानसिक उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित किसान कमल किशोर मौर्य का कहना है कि उसकी पुश्तैनी जमीन पर अवैध रूप से रास्ता बनवाया जा रहा है, जबकि वह भूमि पूरी तरह से उसकी निजी मिल्कियत है। किसान का आरोप है कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसे आए दिन प्रताड़ित किया जाने लगा और स्थानीय स्तर पर दबाव बनाकर उसकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
कमल किशोर मौर्य ने बताया कि इस मामले की शिकायत वह कई बार तहसील प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से कर चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि हल्का लेखपाल की भूमिका संदिग्ध है और ग्राम प्रधान व प्रधान प्रतिनिधि के साथ मिलीभगत कर मामले को दबाया जा रहा है।
पीड़ित किसान ने कहा कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है और लगातार मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले का निष्पक्ष निस्तारण नहीं किया गया, तो वह मुख्यमंत्री की चौखट पर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाएगा।
इस पूरे प्रकरण ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोपों वाले मामले में क्या कार्रवाई करता है या पीड़ित किसान को न्याय के लिए उच्च स्तर तक संघर्ष करना पड़ेगा।