ऊंचाहार:तेहरान के धमाकों के बीच फंसी ऊंचाहार की 'बिटिया': वतन वापसी की आस में बेबस परिवार,,,

ऊंचाहार:तेहरान के धमाकों के बीच फंसी ऊंचाहार की 'बिटिया': वतन वापसी की आस में बेबस परिवार,,,

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   रिपोर्ट-सागर तिवारी 



​ऊंचाहार (रायबरेली): युद्ध की विभीषिका जब सीमाओं को लांघकर अपनों की दहलीज तक पहुँचती है, तो दिल का कांपना स्वाभाविक है। ऊंचाहार के स्थानीय कांग्रेस नेता डॉ. अजहर नकवी का परिवार इन दिनों ऐसे ही खौफ और अनिश्चितता के साये में जी रहा है। उनकी होनहार बेटी नाबिया नकवी, जो तेहरान यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई कर रही हैं, ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ी जंग के बीच वहां फंस गई हैं।
​हवाई हमलों ने तेहरान के आसमान को धुएं और डर से भर दिया है। डॉ. नकवी ने भारी मन से बताया कि दो दिनों में बेटी से महज तीन मिनट ही बात हो पाई है। मोबाइल नेटवर्क ध्वस्त हैं और हर पल बजते सायरन और धमाकों की आवाजें यहाँ यूपी के शांत कस्बे में उनके परिवार की धड़कनें बढ़ा रही हैं। नाबिया ने बताया कि उनकी यूनिवर्सिटी तक हमलों की जद में आ गई है। फिलहाल वह अपनी जान बचाकर शहर से 100 किमी दूर एक परिचित के यहाँ शरण लिए हुए हैं।
​घर की लाड़ली को डॉक्टर बनते देखने का सपना देखने वाले पिता अब बस उसकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। वतन वापसी के रास्ते बंद हैं और ओमान में मौजूद भाई जहां नकवी भी अपनी बहन की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में हैं। ऊंचाहार की इस बिटिया की सुरक्षित घर वापसी के लिए अब पूरा कस्बा दुआओं में हाथ उठाए खड़ा है।