रायबरेली- ऊंचाहार में 'अंधेरगर्दी', चेयरमैन पति की निजी जागीर चमका रहे सरकारी सफाईकर्मी!

रायबरेली- ऊंचाहार में 'अंधेरगर्दी', चेयरमैन पति की निजी जागीर चमका रहे सरकारी सफाईकर्मी!

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रिपोर्ट- सागर तिवारी

 ऊंचाहार/रायबरेली- नगर पंचायत में सत्ता के दुरुपयोग और सरकारी खजाने की खुली लूट का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जनता की गाढ़ी कमाई से वेतन पाने वाले सफाईकर्मी, नगर की गंदगी साफ करने के बजाय, नगर पंचायत अध्यक्ष के पति की 'निजी सेवा' में लगे हुए हैं।
मामला सलोन–ऊंचाहार मार्ग का है, जहां नगर पंचायत की सीमा से बाहर (ग्रामीण क्षेत्र में) चेयरमैन पति की निजी संपत्ति पर सरकारी कर्मचारियों द्वारा साफ-सफाई कराई जा रही है। नियम-कायदों को ताक पर रखकर किया जा रहा यह कार्य न केवल पद का घोर दुरुपयोग है, बल्कि जनता के विश्वास के साथ भी धोखा है।
भ्रष्टाचार की यह तस्वीर यहीं नहीं रुकती। उसी निजी परिसर में नगर पंचायत का लाखों का 'मोबाइल शौचालय' धूल फांक रहा है। जो शौचालय जनता की सुविधा के लिए खरीदा गया था, वह अब निजी संपत्ति की शोभा बढ़ा रहा है और कबाड़ बनने की कगार पर है। इतना ही नहीं, मौके पर सरकारी इंटरलॉकिंग ईंटों का ढेर भी मिला है, जो किसी बड़े निर्माण घोटाले और सरकारी सामग्री के निजी उपयोग की ओर सीधा इशारा कर रहा है।
सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी मशीनरी अब 'पति-तंत्र' की गुलाम हो गई है? आखिर किसके आदेश पर सरकारी संपत्ति और कर्मचारियों का यह निजीकरण चल रहा है? जिला प्रशासन को तत्काल इस मामले का संज्ञान लेकर इस 'लूट' की जांच करानी चाहिए, ताकि जनता के पैसे का हिसाब मिल सके।