रायबरेली- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)' का लाभ लेकर मकान बनाने और फिर नियमों को ताक पर रखकर उसे बेचने का आरोप

रायबरेली- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)' का लाभ लेकर मकान बनाने और फिर नियमों को ताक पर रखकर उसे बेचने का आरोप

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रिपोर्ट- सागर तिवारी

ऊंचाहार (रायबरेली):केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी 'प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)' का लाभ लेकर मकान बनाने और फिर नियमों को ताक पर रखकर उसे बेचने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। नगर पंचायत ऊंचाहार के वार्ड नंबर 5, सराय मोहल्ला में एक लाभार्थी द्वारा सरकारी आवास को अवैध रूप से बेचने की शिकायत जिला अधिकारी से की गई है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत ऊंचाहार के वार्ड नंबर 5 (सराय मोहल्ला) की निवासी हमीदुन निशा (पत्नी अब्दुल खालिक) को वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आवास आवंटित किया गया था। सरकार द्वारा दी गई किश्तों से मकान का निर्माण भी कराया गया, जिस पर बाकायदा योजना का लोगो और नाम भी अंकित है।
स्थानीय निवासी मोनू (पुत्र रियाज अहमद) ने जिलाधिकारी रायबरेली को लिखित शिकायती पत्र और शपथ पत्र देकर आरोप लगाया है कि उक्त लाभार्थी ने योजना की शर्तों का उल्लंघन करते हुए यह आवास किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया है।
नियमों के विरुद्ध हुआ सौदा
शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मिले मकान को निर्धारित अवधि तक न तो बेचा जा सकता है और न ही हस्तांतरित किया जा सकता है। इसके बावजूद, लाभार्थी ने गुपचुप तरीके से मकान का सौदा कर लिया। इसे शासन के नियमों का खुला उल्लंघन और पात्र व्यक्तियों के अधिकारों का हनन बताया गया है।
रिकवरी और कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता मोनू ने जनसुनवाई पोर्टल (सन्दर्भ सं: 40015825041517) और डीएम को दिए पत्र में मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लाभार्थी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए और आवास निर्माण में खर्च हुए सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित की जाए।
इस शिकायत के बाद से स्थानीय प्रशासन और डूडा (DUDA) विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर सरकारी आवासों की निगरानी ठीक से क्यों नहीं हो रही है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस 'खेल' पर क्या कार्रवाई करता है।