रायबरेली-शहीद स्मारक-संकटमोचन धाम पहुंचे जगद्गुरु रामस्वरूपाचार्य

रायबरेली-शहीद स्मारक-संकटमोचन धाम पहुंचे जगद्गुरु रामस्वरूपाचार्य

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रिपोर्ट-केशवानन्द शुक्ला

बालरूप हनुमान के दर्शन कर पताका भेंट कर 21 दीपों की आरती किया

मुंशीगंज के राष्ट्रीय स्तर के ऐतिहासिक शहीद स्मारक पर शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि, 

भक्तों को अपने हाथों से प्रसाद वितरित कर दिया आशीर्वाद

रायबरेली। राष्ट्रीय स्तर के ऐतिहासिक शहीद स्मारक, (मुंशीगंज) प्रांगण स्थित श्री संकट मोचन धाम में शनिवार की सायं आध्यात्मिक आस्था और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला, जब चित्रकूट धाम से पधारे अनन्त श्री विभूषित सर्वाम्नाय श्री कामदगिरी पीठाधीश्वर, श्रीमद् जगद्गुरु रामानन्दाचार्य पूज्य श्री 108 रामस्वरूपाचार्य जी महाराज अपने भक्तों के साथ पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले मंदिर में विराजमान बालरूप हनुमान के दिव्य स्वरूप का विधिवत दर्शन-पूजन कर 21 दीपों से हनुमान जी की आरती उतारी, ध्वजा पताका भेंट किया और सैकड़ों उपस्थित भक्तों को अपने हाथों से प्रसाद वितरित करते हुए सभी को आशीर्वाद प्रदान किया। संकट मोचन धम  पर शाम सवा पांच बजे मंदिर परिसर पहुंचे जगद्गुरु महाराज के आगमन से वातावरण पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत हो उठा। उन्होंने संकटमोचन धाम में पूजन-अर्चन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। उन्होंने बाल रूप हनुमान जी संकट मोचन धाम को भक्तों के लिए बहुत सिद्ध पीठ बताया।
दर्शन-पूजन के उपरांत उन्होंने श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए सनातन धर्म की मर्यादा, सेवा और राष्ट्रभक्ति के महत्व का संदेश दिया। इसके बाद जगद्गुरु रामस्वरूपाचार्य जी महाराज ने समीप स्थित राष्ट्रीय स्तर के ऐतिहासिक स्थल शहीद स्मारक पर पहुंचकर स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर शहीदों की समाधि पर पुष्प अर्पित कर सच्ची श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मातृभूमि के लिए बलिदान देने वाले अमर सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता और गौरव की रक्षा के लिए शहीदों का त्याग सदैव प्रेरणा देता रहेगा। इस अवसर पर मातृभूमि सेवा मिशन की ओर से जगद्गुरु महाराज का अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया तथा उन्हें भगवान राम का विग्रह भेंट किया गया। जगद्गुरु को बताया गया कि संकटमोचन धाम की आध्यात्मिक महिमा मुंशीगंज स्थित संकटमोचन धाम की अपनी विशिष्ट आध्यात्मिक मान्यता है। भक्तों ने जगतगुरु को यह भी बताया कि स्थानीय जनश्रुति के अनुसार यहां बालरूप हनुमान जी का दिव्य स्वरूप स्वयं प्रकट हुआ था। प्रारंभ में इस विग्रह को पीपल के वृक्ष की छांव में स्थापित किया गया, जहां भक्तजन श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने लगे। समय के साथ श्रद्धालुओं की आस्था और सेवा से यह स्थान प्रसिद्ध होकर आज एक प्रतिष्ठित धाम के रूप में स्थापित हो गया है, जहां दूर-दराज से श्रद्धालु संकटमोचन हनुमान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं, और उनकी मनौती पूरी होती है। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का भारी भीड़ उपस्थित रही । इस अवसर पर प्रो. डॉ. संजय सिंह, प्रमोद शुक्ला, प्रो डॉ. आजेंद्र प्रताप सिंह, रजनू पांडेय, प्रदीप पांडेय, ओपी सिंह पटेल, उमाकांत शुक्ला, राकेश तिवारी, सतीश चंद्र मौर्य, शिवराज मौर्य, राम प्रकाश चौधरी, डॉ. विपिन सिंह, सुरेश गुप्ता, अनुष्का यादव सहित मातृभूमि सेवा मिशन के संरक्षक महेंद्र अग्रवाल, अध्यक्ष रामराज गिरी, संरक्षक राकेश मिश्रा, मंडल अध्यक्ष भगवत प्रताप सिंह,  के अलावा स्थानीय भक्तों में रेनू, पलक गुप्ता, संगीता यादव, मीनाक्षी, नीलू सिंह, रनिता सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।