रायबरेली:ऊंचाहार में 40 लाख की लागत से बन रहे आरसीसी सेंटर में धांधली जाने कैसे ?

रायबरेली:ऊंचाहार में 40 लाख की लागत से बन रहे आरसीसी सेंटर में धांधली जाने कैसे ?

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रिपोर्ट- सागर तिवारी

ऊंचाहार, रायबरेली- स्वच्छ भारत मिशन के तहत गाँवों को कचरा मुक्त बनाने और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन धरातल पर जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार इन योजनाओं को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ताजा मामला रायबरेली जनपद के नगर पंचायत ऊंचाहार के अंतर्गत पट्टी रहस कैथवल गाँव के पूरे ननकू मजरे का है, जहाँ निर्माणाधीन आरसीसी (संसाधन रिकवरी केंद्र) सेंटर में गुणवत्ता की जमकर अनदेखी की जा रही है।
40 लाख की लागत, पर गुणवत्ता शून्य प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरे ननकू मजरे में लगभग 40 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से 'वेट वेस्ट प्रोसेसिंग' (पिट कम्पोस्टिंग) और आरसीसी सेंटर का सिविल निर्माण कार्य कराया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में प्रयोग की जा रही सामग्री बेहद घटिया स्तर की है। सीमेंट और बालू के मिश्रण से लेकर ईंटों की गुणवत्ता तक, हर स्तर पर मानकों की अनदेखी की जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, तो बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है।
शिलालेख पर बड़े नाम, धरातल पर बदहाली मौके पर लगे शिलालेख के अनुसार, इस परियोजना का लोकार्पण नगर विकास मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और क्षेत्रीय विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय एवं नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ममता जायसवाल की देखरेख में होना सुनिश्चित है। शिलालेख पर विकास की बड़ी-बड़ी बातें अंकित हैं, लेकिन मौके पर हो रहा काम सरकारी धन की बर्बादी की कहानी बयां कर रहा है।
जनता में रोष, जांच की मांग स्थानीय नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई के टैक्स के पैसे को इस तरह भ्रष्टाचार की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से इस निर्माण कार्य की तुरंत जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले ठेकेदारों व जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है या फिर कागजों में यह आरसीसी सेंटर अपनी मजबूती दर्ज कराता रहेगा।