रायबरेली-वीबी-जी रामजी योजना में लापरवाही पर छह बीडीओ को नोटिस, सीडीओ ने कसा शिकंजा

रायबरेली-वीबी-जी रामजी योजना में लापरवाही पर छह बीडीओ को नोटिस, सीडीओ ने कसा शिकंजा

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824


निर्देशों के बावजूद ग्राम पंचायतों में शुरू नहीं हुए काम, मास्टर रोल जारी न होने पर मांगा स्पष्टीकरण

रायबरेली। वीबी-जी रामजी योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले खंड विकास अधिकारियों पर शिकंजा कसने लगा है। ग्राम पंचायतों में काम शुरू न होने और मास्टर रोल जारी नहीं किए जाने के मामले में मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता ने छह खंड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस जारी होते ही विकास विभाग में हड़कंप मच गया है।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में योजना के तहत काम शुरू कराया जाए और श्रमिकों के लिए मास्टर रोल जारी किए जाएं। इसके बावजूद कई ग्राम पंचायतों में काम शुरू नहीं हो पाया। योजना की समीक्षा के दौरान आठ अक्टूबर की स्थिति में लापरवाही सामने आने पर सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
समीक्षा में सरेनी ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी प्रमोद कुमार यादव की 81 ग्राम पंचायतों में से 28 में काम शुरू नहीं होने की बात सामने आई। वहीं, काम में लगे श्रमिकों की संख्या भी प्रति ग्राम पंचायत औसतन 10 बताई गई। सतांव ब्लॉक में 50 ग्राम पंचायतों में से 16 में काम शुरू नहीं हुआ। यहां काम कर रहे श्रमिकों की संख्या प्रति ग्राम पंचायत औसतन 12 रही।
इसी तरह छतोह ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी त्रिभुवन के क्षेत्र में 44 ग्राम पंचायतों में से 22 में काम शुरू नहीं कराया गया। यहां भी श्रमिकों की संख्या प्रति ग्राम पंचायत औसतन 13 रही। हरचंदपुर ब्लॉक की खंड विकास अधिकारी अंजू रानी के क्षेत्र में 56 ग्राम पंचायतों में से 16 में काम शुरू नहीं हुआ, जबकि काम में लगे श्रमिकों की संख्या प्रति ग्राम पंचायत औसतन 13 बताई गई।
डलमऊ ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी राम खेलावन के क्षेत्र में 76 ग्राम पंचायतों में से 36 में काम शुरू नहीं कराया गया। यहां प्रति ग्राम पंचायत औसतन 15 श्रमिकों के काम में लगे होने की जानकारी सामने आई। समीक्षा में अन्य संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रगति पर भी सवाल उठे हैं।
निर्देशों के बावजूद ग्राम पंचायतों में काम शुरू नहीं होने और मास्टर रोल जारी करने में हुई देरी को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने छह खंड विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही सभी ग्राम पंचायतों में योजना के तहत काम शुरू कराने और मास्टर रोल जारी करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्धारित निर्देशों के अनुसार काम सुनिश्चित करना होगा।