एम्स रायबरेली में जैव-चिकित्सा अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824
रायबरेली- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली के सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा “जैव-चिकित्सा अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के अनुप्रयोग” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्घाटन संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. अमिता जैन एवं उप निदेशक प्रशासन (DDA) कर्नल अखिलेश सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने चिकित्सा विज्ञान एवं अनुसंधान में आधुनिक डिजिटल तकनीकों के समावेश के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस कार्यशाला में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं से 33 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें प्रोफेसर, संकाय सदस्य एवं रेजिडेंट डॉक्टर शामिल थे। संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को अनुसंधान एवं चिकित्सा शिक्षा में AI उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई।
कार्यशाला का शैक्षणिक संचालन प्रो. डॉ. भोला नाथ, विभागाध्यक्ष, सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में AI की मूलभूत अवधारणाओं, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, विभिन्न AI उपकरणों के एकीकृत उपयोग तथा अनुसंधान, चिकित्सा शिक्षा, प्रशासन एवं संचार में इनके अनुप्रयोगों पर चर्चा की गई। व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों ने अनुसंधान की योजना बनाने, वैज्ञानिक लेखन एवं शैक्षणिक गतिविधियों में AI के प्रभावी और जिम्मेदार उपयोग के बारे में सीखा।
डॉ. हिमांशी शर्मा, जूनियर रेजिडेंट, ने Canva एवं AI उपकरणों की सहायता से शैक्षणिक प्रस्तुतियाँ और वैज्ञानिक इन्फोग्राफिक्स तैयार करने पर एक व्यावहारिक सत्र आयोजित किया, जिसमें विभिन्न AI प्लेटफॉर्म के एकीकृत उपयोग का प्रदर्शन किया गया।
कार्यशाला का समन्वय विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉ. हिमांशी शर्मा एवं डॉ. हिशाम द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र, प्रशिक्षण उपरांत मूल्यांकन एवं प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया के साथ हुआ।

rexpress 