अरुणाचल की खाई में शहीद हुआ रायबरेली का लाल, पत्नी-तीन बच्चे और बूढ़े मां-बाप का सहारा छिना

अरुणाचल की खाई में शहीद हुआ रायबरेली का लाल, पत्नी-तीन बच्चे और बूढ़े मां-बाप का सहारा छिना
अरुणाचल की खाई में शहीद हुआ रायबरेली का लाल, पत्नी-तीन बच्चे और बूढ़े मां-बाप का सहारा छिना

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

रायबरेली-शनिवार की वह सुबह गहरौली गांव के किसी के लिए भी आम नहीं रही। अरुणाचल प्रदेश की पहाड़ी सड़क पर सेना का एक वाहन खाई में गिरा और उसमें सवार गांव का बेटा प्रदीप कुमार शर्मा हमेशा के लिए चला गया।

खबर आते ही घर में दहाड़ मारकर रोना शुरू हो गया, पड़ोसी दौड़े आए और देखते-देखते पूरा गांव एक साथ रो रहा था। प्रदीप की उम्र 38 साल थी। 2010 में सेना की 19वीं सिख रेजीमेंट में गए थे। रामगढ़ में ट्रेनिंग की, मुंबई में नौकरी की और घर-परिवार की जिम्मेदारी निभाते हुए साल दर साल देश की सेवा में लगे रहे।

शनिवार को डिब्रूगढ़ से काफिले के साथ नई जगह तैनाती के लिए निकले थे। रास्ते में अरुणाचल की सीमा में वाहन बेकाबू हो गया और खाई में जा गिरा। प्रदीप वहीं शहीद हो गए।रविवार की सुबह छह बजे कमांडिंग ऑफिसर का फोन आया। पिता रामनरेश शर्मा ने जैसे ही बात सुनी, मुंह से आवाज नहीं निकली। घर में चीखें उठीं। जो भी सुना, दौड़ा चला आया। प्रदीप 19 फरवरी को ही घर से गए थे। शुक्रवार को खुद फोन किया था, बच्चों से हंसकर बातें कीं, पत्नी का हाल लिया। घर वालों को क्या पता था कि यही आखिरी बार उनकी आवाज सुन रहे हैं।पीछे छूट गई हैं पत्नी कल्पना, तीन बच्चे जिनमें ग्यारह साल की इशिका, आठ साल का युवराज और छह साल की अंशिका हैं, और मां पूनम। बच्चे इतने छोटे हैं कि अभी पूरी तरह समझ भी नहीं पा रहे कि पापा अब नहीं आएंगे। पिता रामनरेश ने बताया कि बेटे का पार्थिव शरीर सोमवार शाम तक गांव पहुंचेगा। एक बाप बस यही इंतजार कर रहा है कि आखिरी बार अपने बेटे का मुंह देख सके।