स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए बने मुसीबत, महीनों से नहीं मिल रहा बिल; कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824
रायबरेली। बिजली विभाग द्वारा पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगवाए जा रहे हैं। मीटर बदलने का काम कार्यदायी संस्था द्वारा किया जा रहा है, लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण उपभोक्ता परेशान हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने के समय विभागीय अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इससे गलत बिल समेत बिल संबंधी सभी समस्याओं से निजात मिल जाएगी, लेकिन स्मार्ट मीटर ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। समय पर बिल नहीं मिल रहे हैं। हालात ये है कि किसी को तीन तो किसी को पांच माह से बिल का इंतजार करना पड़ रहा है।
केस एक
शहर के सोनिया नगर निवासी सत्य प्रकाश के यहां अगस्त में पुराना मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाया गया। उपभोक्ता का कहना है कि सितंबर में जब उनका बिजली बिल नहीं आया तो उन्होंने विभाग में शिकायत की। तब से लेकर अभी तक वह कई बार अधिकारियों से मामले की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें बिल नहीं मिल सका है।
केस दो
शहर के जवाहर विहार कॉलोनी निवासी सीमा वाजपेयी के घर में लगा बिजली मीटर भी अगस्त में बदला गया था। उपभोक्ता के अनुसार मीटर बदले हुए चार माह बीत चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक बिजली का बिल नहीं मिला है। बिल के लिए उन्होंने कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
केस तीन
जवाहर विहार के ही रहने वाले मोहन प्रसाद के यहां सितंबर में मीटर बदला गया। इनके परिवारजन ने बताया कि बिल न मिलने की शिकायत लेकर वह एसडीओ से लेकर उच्चाधिकारियों के कार्यालय तक कई चक्कर लगा चुके, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
केस चार
बछरावां कस्बा निवासी प्रज्ञा देवी के यहां अक्टूबर में स्मार्ट मीटर लगा। उपभोक्ता का कहना है कि मीटर बदलने के करीब ढाई महीने बीत गए, लेकिन अब तक बिल नहीं बन सका है। लंबे समय तक बिल न बनने पर अधिक बिल हो जाएगा, जिसे जमा करने में भी लोगों को परेशानी होगी।
रायबरेली के मुख्य अभियंता रामकुमार ने बताया है कि सभी पुराने मीटरों को समय पर जमा कराकर उन्हें ऑनलाइन दर्ज कराए जाने व उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं समस्या हो रही है तो उसका समाधान कराया जाएगा।

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