रायबरेली- आर एक्सप्रेस खबर का दमदार असर आखिरकार जागी ऊंचाहार पुलिस पर कार्रवाई शून्य जाने क्या है पूरा मामला,,,❓

रायबरेली- आर एक्सप्रेस खबर का दमदार असर आखिरकार जागी ऊंचाहार पुलिस पर कार्रवाई शून्य जाने क्या है पूरा मामला,,,❓

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रिपोर्ट-सागर तिवारी 

ऊंचाहार-रायबरेली- बीते अक्टूबर माह में आधा दर्जन लोगों के नाम बैंक में लोन दिलाने के नाम पर खाता खुलवाने के बाद जालसाजों ने लाखों रुपए की साइबर ठगी की थी। और खाताधारकों को इस बात की भनक तक नहीं लगी थी। पुलिस में शिकायत के बाद काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करके ठंडे बस्ते में डाल दिया था। जिसे बीते दिनों आर, एक्सप्रेस,ने प्रमुखता से छापा था। जिसके पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। नींद से जागी पुलिस ने मामले से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। वही विवेचक के मुताबिक मुख्य आरोपी की धड़पकड़ के लिए दबिश दी जा रही है। लेकिन युवक फरार चल रहा है।क्षेत्र के झालाबाग राजेश कुमार, हरीशचंद्र, राजू, बब्लू, हिमांशु, सुनील कुमार, निवासी सुमेर बाग व संजीव कुमार व इनकी पत्नी गीता देवी निवासी सुमेर बाग समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों को अपने झांसे लेकर जालसाजों ने बैंक से लोन दिलाने के नाम पर नगर के यूको बैंक में खाता खुलवाया गया। भोले भाले ग्रामीणों को तरह तरह के प्रलोभन देकर खाता खोलने के खर्च के साथ ही हजार दो हजार रुपए खर्च करने के नाम पर दिया गया था। और एवज में खाताधारकों के आधार कार्ड व सिमकार्ड गिरवी के तौर पर रख लिया। संजीव कुमार ने बताया कि इसके बाद सभी लोगों के में मिलाकर पन्द्रह से बीस दिन के अंदर करीब 43लाख रुपए आए और निकल भी गए हम लोगों को पता ही नहीं चल पाया। शक होने पर जब बैंक में पास बुक फीड कराने गए तो बैंक मैनेजर के द्वारा असलियत पता चलने पर पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। इसके बाद खाताधारकों नेदोनों जालसाजों से इस बात की जानकारी चाही तो आरोप है।कि इन लोगों ने किसी से बताने पर जान से मार देने की धमकी दी थी। जिसके बाद सभी लोगों ने 27नवंबर को पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्यवाही करने की गुहार लगाई थी। लेकिन आरोप है। कि कुछ बिचौलियों के माध्यम पुलिस ने सांठ गांठ करके मामले को रफा दफा कर दिया। जिसके बाद काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद पुलिस ने अपने दामन पर लगे दाग को बचाते हुए गोपालपुर उद्धवन निवासी अमित व हटवा निवासी लवकुश के नाम मामला दर्ज तो कर लिया। लेकिन विवेचना प्रचलित का बहाना करके मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जब कि आखिर इतना पैसा आया और गया कहा इसका मास्टर माइंड कौन है। इस बात का पता लगाना भी मुनासिब नहीं समझा है। अंतर जनपदीय व अन्य प्रदेशों से आए रुपए का कही कोई जिक्र नहीं किया गया।जिसे बीते दिनों आर,एक्स्प्रेस ने प्रमुखता से चलाया था। दो दिन तक लगातार छपी  खबर के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। काफी किरकिरी के बाद हरकत में आई पुलिस विभाग ने हवा में हांथ पैर चलाना शुरू कर दिया। जिसके बाद करीब एक दर्जन लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। वही आरोपियों के द्वारा भी जानकारी हासिल करके मुख्य साजिश कर्ता तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। वही विवेचक अभिजीत मिश्रा का कहना है।कि इस मामले में जिन दो लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उनसे पूछताछ व विवेचना में इसका मुख्य किरदार का पता लगाया जा रहा है। इसका एक मास्टर माइंड जिले का जिसको पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। उसके पकड़ में आने के बाद भी आगे की कड़ी जुड़ पाएगी। फिलहाल ऐसा मालूम हो रहा है कि इस मामले में किसी बड़े गिरोह का हाथ है जो भोले भाले लोगों को फसाकर उनके नाम से खाता खोलने के बाद खेल किया जाता है। फिलहाल सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है।


क्यां बोले साहब,,,,,,? 

साइबर अपराध के मामले में बैंक के शाखा प्रबंधक का कहना है। कि इस जालसाजी में बैंक की कोई भूमिका नहीं है। जो लोग खाता खुलवाने के लिए बैंक आए थे। जिसकी एवज में बैंक ने सम्बन्धित लोगों के आधार कार्ड फिंगर प्रिंट सहित फॉर्मेलिटी पूरा करने के बाद ही खाता खोला गया था। बैंक के बाहर लालच में भोली भाली जनता इन जालसाजों के चंगुल में फंस जाती है।तो बैंक के बाहर क्या हो रहा है। बैंक को इस बात से कोई लेना देना नहीं है। जानकारी होने के बाद उच्च अधिकारियों को मेल के माध्यम से जानकारी भेजी गई है। और खाता के संचालन पर रोक लगा दी गई है। बाकी जांच अधिकारी जो भी जानकारी बैंक से चाहेंगे वह उनको हेड ऑफिस से उपलब्ध कराई जाएगी। जांच एजेंसी का सहयोग किया जाएगा।
जबकि खाताधारकों का कहना है। कि ऐसे तो एक नियम है। कि तय रकम के साथ ही बैंक का लेनदेन होता है। वही इस मामले में किसी भी जांच पड़ताल के इतनी भारी भरकम रकम आने और जाने के मामले में बैंक ने किसी तरह की जांच या खाता संचालकों से पैसा आने जाने की तफ़्तीश करना उचित नहीं समझा है।