रायबरेली-एक दलित बुजुर्ग से धोखाधड़ी वा जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के मामले में न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज

रायबरेली-एक दलित बुजुर्ग से धोखाधड़ी वा जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के मामले में न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज

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रिपोर्ट- सागर तिवारी

ऊंचाहार/रायबरेली- एक दलित बुजुर्ग से धोखाधड़ी और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह मामला सीएचसी संचालक सावन पाल, उसके पिता और अन्य साथियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित संबंधित धाराओं में पंजीकृत किया गया है।

घटना कोतवाली क्षेत्र के बंधवा मजरे अरखा गांव की है। पीड़ित शत्रुघ्न को जब स्थानीय पुलिस से न्याय नहीं मिला, तो उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। पीड़ित ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि अरखा सादे की बाजार मजरे अरखा निवासी सावन पाल बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा पंचायत ऊंचाहार देहात की फ्रेंचाइजी लेकर सहज जन सेवा केंद्र का संचालन करता है।

शत्रुघ्न का खाता स्टेट बैंक की उमरन शाखा में था, लेकिन वह अक्सर लेन-देन के लिए सावन पाल के सहज जन सेवा केंद्र का उपयोग करते थे। एक दिन सावन ने शत्रुघ्न को अपना खाता अपनी बैंक में स्थानांतरित करवाने की सलाह दी, जिससे लेन-देन में आसानी होगी। पीड़ित ने सावन पर विश्वास किया।

आरोप है कि इसी दौरान शत्रुघ्न के खाते से 1 लाख 30 हजार रुपये फ्रेंचाइजी संचालक के खाते में स्थानांतरित हो गए, लेकिन बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में केवल 5 हजार रुपये ही जमा हुए। शेष 1 लाख 25 हजार रुपये कथित तौर पर जालसाजी करके हड़प लिए गए। इसके बाद पीड़ित के खाते में विभिन्न तिथियों में जमा 75 हजार रुपये की एफडी भी कराई गई, जिसकी विस्तृत जानकारी पीड़ित को नहीं थी।

कुछ समय बाद शत्रुघ्न को पैरालिसिस का दौरा पड़ा। स्वस्थ होने के बाद जब वह अपने खाते से 2 हजार रुपये निकालने गए, तो फ्रेंचाइजी संचालक सावन ने बताया कि उनके खाते में मात्र 880 रुपये शेष हैं।

पीड़ित ने अपनी पासबुक मांगी और पिछले लेन-देन के बारे में पूछा। आरोप है कि इस पर फ्रेंचाइजी संचालक ने शत्रुघ्न से अभद्रता की, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और बड़ी मुश्किल से पासबुक दी।

पीड़ित के मुताबिक जब वह घर गया तो फ्रेंचायजी संचालक के पिता राधेश्याम पाल अपने साथियों के साथ पीड़ित के घर पहुंच गए और गालीगलौज के साथ मारपीट पर भी आमादा हो गए और जान से मार देने की धमकी भी दी।

प्रकरण को न्यायायल ने गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस को मामला दर्ज करने के आदेश दिए। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने एससीएसटी एक्ट सहित संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है।
पुलिस का कहना है कि प्रकरण की विवेचना प्रचलित है।