रायबरेली:मुस्लिम युवती ने अपनाया हिंदू धर्म, बालेश्वर मंदिर में प्रेमी शिवम के साथ लिए सात फेरे,,,,

रायबरेली:मुस्लिम युवती ने अपनाया हिंदू धर्म, बालेश्वर मंदिर में प्रेमी शिवम के साथ लिए सात फेरे,,,,
रायबरेली:मुस्लिम युवती ने अपनाया हिंदू धर्म, बालेश्वर मंदिर में प्रेमी शिवम के साथ लिए सात फेरे,,,,

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 रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824

रायबरेली जिले से सांप्रदायिक सौहार्द और प्रेम की एक अनोखी मिसाल सामने आई है। जाती धर्म को दरकिनार कर एक बार फिर यहां प्यार की जीत की हुई है। यहाँ एक मुस्लिम युवती ने अपने पांच साल पुराने प्यार को मुकम्मल करने के लिए न केवल हिंदू धर्म अपनाया, बल्कि पूरे विधि-विधान के साथ हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार मंदिर में शादी भी की। यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, सेमरपहा गांव की रहने वाली आयमन अहमद और स्थानीय निवासी शिवम पिछले पांच वर्षों से एक-दूसरे के साथ रिश्ते में थे। दोनों पहली ही मुलाकात में एक दूसरे को दिल से बैठे। पहले दोनों में दोस्ती हुई फिर प्यार और फिर इज़हार हुआ। दोनों का प्यार इतना परवान चढ़ा कि अलग-अलग धर्मों से होने के बावजूद, दोनों प्रेमी युगल ने एक-साथ जीवन बिताने का फैसला किया। अपने प्यार को एक नया नाम देने के लिए आयमन ने हिंदू धर्म स्वीकार करने का निर्णय लिया और अपना नाम बदलकर 'कृतिका' रख लिया।

इस प्रेमी जोड़े ने रायबरेली के प्रसिद्ध बालेश्वर मंदिर को अपनी शादी के लिए पवित्र स्थल चुना।  शादी की रस्में पूरी तरह से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुईं। पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच, शिवम ने कृतिका पूर्व नाम आयमन की मांग में सिंदूर भरा और उसके गले में मंगलसूत्र पहनाया। इसके बाद दोनों ने अग्नि के सामने सात फेरे लेकर एक-दूसरे का साथ निभाने का वचन दिया।

शादी सम्पन्न होने के बाद 19 वर्षीय कृतिका ने अपनी खुशी जाहिर की। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि वह बालिग है और उसने यह कदम अपनी स्वेच्छा से उठाया है। कृतिका ने यह भी बताया कि "मैं इस विवाह से बहुत खुश हूं क्योंकि मैंने यह फैसला अपनी मर्जी से लिया है। हम दोनों एक-दूसरे को पांच साल से जानते हैं।" वहीं शिवम ने भी अपनी पत्नी का हाथ थामते हुए इस नई शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त की। शिवम और आयमन की शादी स्थानीय लोगों ने इस विवाह को प्रेम की जीत बताया है।