चोरियों को रोकने में नाकाम बछरावां पुलिस पीड़ित के पुत्र को ही बता रही घटना का आरोपी, पीड़ित लगा रहा आरोप?

चोरियों को रोकने में नाकाम बछरावां पुलिस पीड़ित के पुत्र को ही बता रही घटना का आरोपी, पीड़ित लगा रहा आरोप?

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एक बार फिर अज्ञात चोरों ने बछरावां थाना प्रभारी की पुलिस की सुस्त कार्यशैली पर उठाए सवाल 



हाईवे किनारे स्थित मकान में लाखों रुपए की नगदी व जेवरात पार कर अज्ञात चोरो घटना को दिया अंजाम



पीड़ित परिवार बेटी की शादी की कर रहा था तैयारी, अज्ञात चोरों ने खुशियों पर फेरा पानी


लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से अब आने लगी है पुलिस की संलिप्तता की बू


बछरावां पुलिस के लापरवाही पूर्ण रवैया से तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक की सख्त कार्यशैली पर लग रहा है धब्बा

रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647

बछरावां रायबरेली। थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुंदनगंज गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बछरावां थाने के वर्तमान थाना प्रभारी श्याम कुमार पाल की पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अपने वर्तमान थाना प्रभारी के दो महीने के कार्यकाल में हुई दर्जनो चोरी की घटनाओं को रोकने में नाकाम दिख रही स्थानीय पुलिस ने बीते शुक्रवार की रात तकरीबन 10:00 बजे के आसपास थाना क्षेत्र के कुंदनगंज में हुई एक चोरी की घटना में पीड़ित के पुत्र को ही आरोपी बता दिया है। जिसका आरोप स्वयं पीड़ित पिता के द्वारा पुलिस के ऊपर लगाया गया है। पीड़ित मुन्नालाल हलवाई पुत्र स्वर्गीय किशोरीलाल हलवाई निवासी कुंदनगंज, जिसका घर उक्त कस्बे में लखनऊ प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित है, वह बीते बृहस्पतिवार को अपने साले की बेटी के शादी समारोह में शामिल होने के लिए अपनी पत्नी सरोज एवं अपनी पुत्री संध्या के साथ थाना व कस्बा शिवरतनगंज जनपद अमेठी गया हुआ था, और उसका पुत्र विवेक अपने घर में मौजूद था। शुक्रवार की देर रात तकरीबन 9:00 बजे के आसपास विवेक खाना खाने के लिए कुंदनगंज कस्बे में लखनऊ प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित सुपर ढाबा में चला गया। रात करीब 10:30 बजे के आसपास जब वह अपने घर वापस लौटा तो उसने अपने घर का दरवाजा बाहर से बंद पाया, जो कि वह बंद करके गया था। ताला खोलने के पश्चात जब वह घर के अंदर दाखिल हुआ तो घर का नजारा देखकर वह दंग रह गया, तत्काल वह घर के पिछले हिस्से में पहुंचा और घर के पीछे का दरवाजा एवं घर में मौजूद अन्य कमरों के दरवाजे उसने खुले हुए व उनके ताले टूटे हुए पाये। इसके पश्चात उसने अपने घर में हुई चोरी की घटना की जानकारी अपने पड़ोसियों को दी। पड़ोसियों के द्वारा सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल घटना की जानकारी विवेक के पिता पीड़ित मुन्नालाल जो अपनी ससुराल गए हुए थे, उन्हें दी गई। आनन-फानन घटना के पश्चात मुन्नालाल अपनी पत्नी व बेटी के साथ अपने घर पहुंचे और घर के अंदर दाखिल होने के पश्चात घर के अंदर का माजरा देखकर उनकी पत्नी गस खाकर बेहोश हो गई। इसके पश्चात उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। वहीं घटना की सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस एवं स्थानीय थाने की पुलिस ने मौके पर जांच पड़ताल शुरू की। इस बाबत पीड़ित मुन्नालाल के द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि उन्होंने अपनी बेटी संध्या की शादी तय कर रखी थी, तारीखे नहीं निकली थी, लेकिन शादी की तैयारी में वह जुटे हुए थे। उन्होंने बेटी की शादी के लिए सोने व चांदी के जेवरात जो गायब हुए है (हार, झुमकी, झाला, कील, मांग मेहदी, मोटी पायल एक जोड़ी, पतली पायल तीन जोड़ी) एवं अन्य जेवरात व  मकान एवं जमीन के कागजात, एटीएम और करीब दो लाख रुपए नगद घर में रखे हुए थे। वह सभी अज्ञात चोर पार कर ले गए। साथ ही साथ उनके द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि अज्ञात चोर करीब दो से ढाई मीटर का एक काला कपड़ा अपने साथ लेकर आए थे जो वह उनके घर में छोड़ गए हैं। इसी कड़ी में पीड़ित के द्वारा यह भी बताया गया कि जब पड़ोसियों के द्वारा उनके आने से पूर्व घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई तो स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल में तत्परता न दिखाते हुए स्थानीय पुलिस के द्वारा उसके बेटे विवेक को ही घटना का आरोपी बताया जाने लगा। जब वह अपनी ससुराल से अपने घर पहुंचे तो उन्होंने पुलिस के द्वारा अपने बेटे को आरोपी बनाए जाने का माजरा देखा और उसके पश्चात वह अपने बेटे को बचाने एवं अपनी बेहोश हुई पत्नी को संभालने में लग गए। उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी है कि उनके घर में कुल मिलाकर 10 से 12 लाख रुपए के जेवरात एवं दो लाख रुपए की नगदी चोरों के द्वारा पार की गई है। अब ऐसे में सवाल यह उठना लाजमी हो जाता है कि वर्तमान थाना प्रभारी बछरावां श्याम कुमार पाल की पुलिस जो की उनके दो महीने के कार्यकाल में हुई लगभग दो दर्जन से अधिक चोरियों को रोकने में नाकाम दिखी, उसके द्वारा पीड़ित के ही पुत्र को घटना का आरोपी बताया जा रहा है, जो कहीं न कहीं स्थानीय पुलिस के द्वारा अपने आप को बचाने की सुस्त कार्यशैली एवं पस्त हुई पुलिसिया जवाबदेही का जीता जागता उदाहरण पेश कर रही है। फिलहाल क्षेत्रीय लोग अब जनपद के तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक रवि कुमार की सख्त कार्यशाली एवं उनके द्वारा अपराधियों पर लगाम लगाने की नीतियों पर स्थानीय थाना प्रभारी बछरावां श्याम कुमार पाल की पुलिस के द्वारा बरते जा रहे लापरवाही पूर्ण रवैये के कारण धब्बा लगाने की बात कहते हुए नजर आ रहे हैं, जो कहीं न कहीं स्थानीय पुलिस की कानून व्यवस्था पर काली स्याही का बदनुमा दाग साबित हो रहा है।