रायबरेली-डलमऊ वन विभाग में कोयला लदे ट्रक को पकड़ने और बिना कार्रवाई छोड़े जाने पर खड़े हुए सवाल

रायबरेली-डलमऊ वन विभाग में कोयला लदे ट्रक को पकड़ने और बिना कार्रवाई छोड़े जाने पर खड़े हुए सवाल

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824

रायबरेली जनपद के डलमऊ वन विभाग में एक बार फिर कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, रेंजर रवि भारती के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने कोयला लदे एक ट्रक को पकड़ा था। ट्रक पर कोयला लोड होने को लेकर शुरुआत से ही खेल या मेल की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना किसी कार्रवाई के ट्रक को आखिरकार क्यों छोड़ दिया गया?

पकड़ने के बाद छोड़ा तो पकड़ा क्यों?

स्थानीय लोगों और विभागीय सूत्रों के मुताबिक, ट्रक को पकड़ने के बाद अपेक्षित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। इससे सवाल उठता है कि:

अगर ट्रक को बिना जांच-पड़ताल और दस्तावेज़ी कार्रवाई के छोड़ना ही था,
तो उसे पकड़ा क्यों गया?

क्या ट्रक को पकड़ने और छोड़ने के बीच किसी तरह की अंदरूनी सेटिंग हुई?


वन विभाग की टीम से ट्रक चालक ने की मारपीट

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब वन विभाग की टीम ने ट्रक को रोका, तो ट्रक चालक ने कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की।
आम तौर पर ऐसी स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाती है—FIR, चालान, ट्रक सीज़, चालक गिरफ्तार—लेकिन इसके बावजूद वन रेंजर ने मामले को अनदेखा करते हुए ट्रक को छोड़ दिया, जिसने विभाग की नीयत पर और बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


वन विभाग की कार्रवाई संदिग्ध है

अवैध कोयला परिवहन पर रोक लगाने के बजाय उसे संरक्षण दिया जा रहा है

कर्मचारियों से मारपीट के बाद भी कार्रवाई न होना गंभीर लापरवाही है


जांच की मांग तेज

मामले की गंभीरता को देखते हुए लोग उच्चाधिकारियों से जांच की मांग कर रहे हैं कि—

ट्रक को किस आधार पर छोड़ा गया?

ट्रक चालक पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

कर्मचारियों से मारपीट के बाद भी रेंजर ने चुप्पी क्यों साधी?

डलमऊ वन विभाग की इस कथित कार्रवाई ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालचिह्न लगा दिया है और अब देखना यह होगा कि जिला स्तरीय अधिकारी इस विवाद पर क्या कदम उठाते हैं।