रायबरेली में दो माह में ही टूटने लगे 15 लाख कीमत वाले डिवाइडर, गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824
रायबरेली- सिर्फ दो महीने में ही लाखों की चीज कौड़ियों के मोल होने लगे तब गुणवत्ता पर सवाल क्यों न उठे। शहर में सरकारी धन की बर्बादी का जीता-जागता नमूना नगर पालिका परिषद द्व्रारा खरीदे गए 15 लाख के डिवाइडर बन गए हैं।
इन डिवाइडरों को शहर के प्रमुख व अधिक ट्रैफिक वाले क्षेत्रों जैसे सुपरमार्केट, घंटाघर, डिग्री कॉलेज चौराहा, गोल चौराहा, दीवानी गेट, सिविल लाइंस व पुलिस लाइन आदि स्थानों पर लगाया गया था।
नगर पालिका परिषद द्वारा शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए जनवरी 2026 में करीब 15 लाख रुपये की लागत से खरीदे गए पहिएदार डिवाइडर (बैरियर) महज दो माह के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
पालिका की इस पहल का उद्देश्य यातायात को सुचारू बनाना और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाना था, लेकिन मार्च माह के अंत तक अधिकांश डिवाइडर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
कई स्थानों पर इनके पहिए टूट गए हैं, तो कहीं डिवाइडर की बाडी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे वे उपयोग के लायक नहीं रह गए हैं। डिवाइडरों की इतनी जल्दी खराब स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
उदयराज, राजप्रताप सिंह, गौरव कुमार, धीरेंद्र कुमार का कहना है कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग प्रतीत होता है।
लोगों ने इसकी जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी स्वर्ण सिंह का कहना है कि डिवाइडर कैसे क्षतिग्रस्त हुए हैं। जांच कराई जाएगी।

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