रायबरेली-कार्तिक पूर्णिमा मेले ने मैला कर दिया गंगा मां का आंचल

रायबरेली-कार्तिक पूर्णिमा मेले ने मैला कर दिया गंगा मां का आंचल

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रिपोर्ट- सागर तिवारी
मो- 9044949495

ऊंचाहार (रायबरेली): कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर गोकना गंगा घाट पर तीन दिवसीय मेले में आए लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा मां के आंचल को गंदा कर दिया है। मेले के बाद पूरा तट गंदगी से पटा हुआ है। प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते स्वच्छता के लिए सफाई कर्मचारी देखने तक नहीं पहुंचे। मेला क्षेत्र में जहां जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, वहीं लोगों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। जिसे लेकर स्थानीय नागरिकों व तीर्थ पुरोहितों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
     गुरुवार की देर शाम से गोकना घाट पर लगने वाला कार्तिक पूर्णिमा मेला समाप्त हो गया है। दुकानदार अपने तंबू, कनात व सामान लेकर वापस लौटने लगे हैं। इस बीच सफाई व्यवस्था न होने से गंगा तट से लेकर मेला परिसर में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। मेला सम्पन्न होने बाद दुकानदारों द्वारा फेंके गए पालीथीन व अन्य सामग्री से मेला परिसर पटा हुआ है। कहने को तो मेले की साफ सफाई के लिए विकास विभाग द्वारा रोस्टर में 30, 30 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई थी, वहीं नगर पंचायत द्वारा भी 10 सफाई कर्मचारी लगाए गए थे। किंतु ये लोग मेला परिसर का कचरा तक साफ नही कर पाए है। मेला स्थल पर भारी मात्रा में पालिथीन के ढेरों के साथ साथ अन्य कचरों से पूरा मैदान पटा हुआ है। यही नहीं गंगा तट के किनारे भी गंदगी का अंबार है। घाट के पुजारी जितेंद्र द्विवेदी, गोविंद, पप्पू द्वेदी, धर्मेंद्र द्विवेदी,  उमाकांत आदि का कहना है कि मेले में स्वच्छता को लगाए गए सफाई कर्मचारी बुधवार को ही चले गए थे। जो लौट कर वापस नहीं आए। चारों ओर फैली गंदगी से लोगों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। समस्या का समाधान न होने पर जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की जाएगी। खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार सिंह नेबताया कि सफाई कर्मियों को भेजकर घाट समेत मेला परिसर की साफ-सफाई कराई जाएगी।