रायबरेली-रेंजर साहब! प्रति भट्टी वसूले जाते है पैसे ना मिलने पर हो जाती कार्यवाही वन विभाग के ऊपर लगा संरक्षण का आरोप !

रायबरेली-रेंजर साहब! प्रति भट्टी वसूले जाते है पैसे ना मिलने पर हो जाती कार्यवाही वन विभाग के ऊपर लगा संरक्षण का आरोप !

-:विज्ञापन:-

 

रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

वन विभाग की कार्यवाही से असंतुष्ट अवैध भट्टी संचालक, और पैसे पर होती रियायत

मतीनगंज में बुलडोजर से धराशाही हुई दो भट्टियों के बाद खुले राज आरोप या हकीकत !

 रायबरेली-डलमऊ क्षेत्र के कटरी के इलाकों में कोयला भट्टीयो की भरमार अपने आप में एक उपलब्धि के तौर पर देखा जाए तो कुछ कहना गलत नहीं होगा क्या वैध क्या अवैध हर पैमाने पर कोयला भट्ठियों को डलमऊ क्षेत्र से लेकर गदागंज तक देखा जा सकता है खैर वन विभाग द्वारा समय-समय पर कार्यवाही जरूर की जाती है। 

              बीते बुधवार को गदागंज क्षेत्र के मतीनगंज गांव व अगल-बगल में स्थापित करीब तीन दर्जन से ज्यादा संचालित कोयला भट्ठियों में से क्षेत्रीय वन विभाग द्वारा अवैध रूप से संचालित दो भट्टिया पाई गई जो बिना किसी विभागी अनुमति के संचालित हो रही थी जिनके खिलाफ बुलडोजर कार्यवाही को अंजाम देते हुए जमी डोज कर दिया गया जिन लोगों की भट्टीया  गिराई गई उनमें से कल्लू उर्फ वहाब और मोहम्मद इरशाद के द्वारा वन विभाग के ऊपर गंभीर और संगीन आरोप लगाए गए संचालकों की मानी जाए तो क्षेत्र में करीब 40 भटियां संचालित हो रही है जो पूरी तरीके से अवैध हैं वन विभाग के द्वारा प्रति भट्टी से₹1000 की वसूली की जाती है और पैसा ना देने की शर्त पर विभाग के द्वारा बगैर किसी चेतावनी दिए अकस्मात कार्यवाही को अंजाम दिया जाता है संचालकों का आरोप है कि जितना भी अवैध काम होता है वह पूरा विभाग के संरक्षण से ही किया जा रहा और बीच कूच ऐसी कार्यवाही करके क्षेत्री वन विभाग अपनी पीठ थपथपाने का काम करता है हालांकि विभाग के ऊपर लगे आरोपो में कितनी हकीकत और कितना फसाना है या तो उच्च अधिकारियों के लिए जांच का विषय है लेकिन अगर आरोपों को आधार बनाया जाए तो मामला बड़े भ्रष्टाचार की ओर इंगित करता है। 

वन रेंजर ने बताया है कि क्षेत्र के मतीनगंज में अवैध रूप से संचालित हो रही दो भट्ठियों को अवैध पाए जाने पर बुलडोजर के माध्यम से गिराया गया और अवैध रूप से चल रही भट्ठियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी