रायबरेली-जैन समाज ने संत सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

रायबरेली-जैन समाज ने संत सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

-:विज्ञापन:-

रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824


रायबरेली। समस्त जैन समाज रायबरेली द्वारा जिला अधिकारी सरनीत कौर ब्रोका जी को ज्ञापन सौंपकर विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा हेतु विशेष सुरक्षा व्यवस्था, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति तथा हाल ही में हुई आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि जैन समाज इस घटना से अत्यंत दुखी और व्यथित है। समाज का मानना है कि यह केवल एक सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं प्रतीत होती, बल्कि उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच आवश्यक है। जैन समाज के अध्यक्ष सुनील जैन ने कहा कि जैन साधु-संत त्याग, तपस्या और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं। उनके सम्मान और सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरे समाज की है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा विहाररत संतों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जैन समाज के मीडिया प्रभारी अंकित जैन ने कहा कि जैन समाज हमेशा शांति, अहिंसा और सद्भाव का संदेश देता आया है।  समाज हमारे धर्म और संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर समाज बेहद चिंतित है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। जैन समाज के वरिष्ठ सदस्य अशोक जैन, रमेश जैन, हेमेन्द्र जैन एवं इंदर चंद जैन,प्रदीप शर्मा,आरके जैन अनिल जैन, रमन जैन, संदीप जैन ने कहा कि पैदल विहार करने वाले संतों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से राष्ट्रीय स्तर पर संत सुरक्षा नीति लागू करने की मांग की।
जैन समाज की महिलाओं ने कहा कि समाज की भावनाएं इस घटना से अत्यंत आहत हैं। प्रशासन को मामले की गंभीरता समझते हुए त्वरित एवं प्रभावी कदम उठाने चाहिए। जैन समाज ने मांग की है कि घटना की विशेष जांच टीम अथवा न्यायिक जांच कराई जाए, संबंधित सीसीटीवी दृश्य एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए तथा दोषियों पर कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। यदि किसी षड्यंत्र अथवा सुनियोजित कृत्य के प्रमाण मिलते हैं तो सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। जैन समाज ने “संत सुरक्षा व्यवस्था” लागू करने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग बढ़ाने, चेतावनी संकेतक लगाने तथा राजमार्गों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके साथ ही भारत सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाने तथा पैदल विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय दिशा-निर्देश और सुरक्षा नियमावली जारी करने की मांग भी की गई है। ज्ञापन में प्रशासन और समाज के बीच समन्वय स्थापित करने हेतु “संत सुरक्षा समन्वय प्रकोष्ठ” के गठन का सुझाव भी दिया गया है। समस्त जैन समाज के अजय जैन, संदीप जैन,सनी जैन, नितिन जैन, नितेश जैन,अनुराधा जैन, पूजा जैन,प्रिया जैन,शारदा जैन, रजनी जैन,पूजा जैन समस्त जैन समाज के लोग ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र प्रभावी कार्यवाही करने की अपील की है।