जनपद में धारा 163 के अंतर्गत निषेधाज्ञा 10 सितम्बर तक लागू: डीएम
रायबरेली- जनपद में 30 जुलाई 2026 से सावन मास प्रारम्भ होकर 28 अगस्त 2026 तक रहेगा इस मध्य सावन के प्रत्येक सोमवार शिव मंदिरों में जलाभिषेक, विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, दर्शन-पूजन, मेला, गंगा स्नान आदि श्रद्धालुओं द्वारा किया जायेगा। सावन के सोमवार 03, 10, 17 एवं 24 अगस्त को है। 04 अगस्त को चेहल्लुम, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस, 26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद/बारावफात, 28 अगस्त को रक्षा बंधन, 04 सितम्बर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, पूर्णिमा/अमावस्या पर्व पर गंगा स्नान एवं विभिन्न आयोग एवं भर्ती बोर्ड से आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाएं, प्राविधिक शिक्षा परिषद/विश्वविद्यालय की गतिमान वार्षिक/सेमेस्टर परीक्षाओं के आयोजन, परीक्षा पुस्तिकाओं का मूल्यांकन व संचारी रोगों के प्रभावी रूप से रोकथाम के सम्बन्ध में शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देश का क्रियान्वयन किया जाना है। उक्त परिस्थितियों के दृष्टिगत वर्तमान में समयाभाव के कारण पक्षों को सुनने के उपरान्त आदेश पारित किया जाना संभव नहीं है। जिला मजिस्ट्रेट सरनीत कौर ब्रोका ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जनपद में लोक परिशान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु एकपक्षीय रूप से निषेधाज्ञा जारी किया है। जिसके अनुसार किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 05 से अधिक व्यक्ति को एक साथ एकत्रित होने से प्रतिबन्धित किया जाता है। किसी भी व्यक्ति द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा की आंतरिक गोपनीयता भंग नहीं की जायेगी। कोई भी व्यक्तियों का समूह, राजनैतिक संगठन एवं उसका सदस्य/कार्यकर्ता तथा कोई भी संस्था के सदस्य द्वारा धार्मिक भावनाओं की ठेस पहुंचाने तथा अफवाहों का प्रचार निषिद्ध किया जाता है। किसी प्रकार की धार्मिक उत्तेजना की सामग्री फैलाना प्रतिबन्धित किया जाता है। कोई भी व्यक्ति लाठी-डण्डा ढेला, ईंटा, पत्थर, सोड़ा वाटर की बोतले आदि जिनसे किसी को आघात पहुँचाई जा सकती है, तद्नुसार उनका एकत्रित किया जाना प्रतिबन्धित किया जाता है। किसी भी व्यक्ति को आपत्तिजनक पोस्टर, हैण्डविल छापने व वितरित करने से प्रतिबन्धित किया जाता है। किसी भी व्यक्ति द्वारा दूसरे धर्म के/सम्प्रदाय के लोगों तथा उनके धार्मिक स्थलों व मकानों पर रंग, कीचड़ आदि डालने, साम्प्रदायिक विद्वेष पैदा करने वाले नारे लगाने, नशे में अश्लील शब्दों का प्रयोग एवं खतरनाक तरीके से वाहन चलाना, दुकानदारों, राहगीरों, वाहन चालकों से जबरन चंदा वसूलना प्रतिबंधित किया जाता है। डी0जे०, साउन्ड, अन्य सभी प्रकार के ध्वनि विस्तारक वाद्ययंत्रों को निर्धारित ध्वनि मात्रा से अधिक ध्वनि पर बजाने व रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे तक समस्त प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों को बजाने से प्रतिबन्धित किया जाता है। इसके अतिरिक्त म्यूजिक सिस्टम/लाउडस्पीकर का बिना समक्ष स्तर से अनुमति के सार्वजनिक प्रयोग प्रतिबन्धित किया जाता है। गंगा स्नान, व अन्य किसी प्रकार के प्रयोजन में व्यक्तियों के आवागमन में टैªक्टर ट्राली, मालवाहक वाहनों का प्रयोग कदापि नहीं किया जायेगा। विधि मान्य सवारी वाहनों से ही व्यक्तियों के आवागमन की अनुमति दी जाये। धार्मिक यात्राओं/जुलूसों में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन करना, सडक/मार्ग अवरोध करना, ट्यूबलाइट, बल्ब फोड़ना, तेज रफ्तार वाहन चलाकर स्टंटबाजी करना, अश्लीलता का प्रदर्शन करना, साम्प्रदायिक सौहार्द खराब करने संबंधी किसी प्रकार के नारे, टिप्पणी, आदि कृत्य करने से प्रतिबन्धित किया जाता है। जिला मजिस्ट्रेट ने यह निषेधाज्ञा 15 जुलाई 2026 से 10 सितम्बर 2026 तक सम्पूर्ण जनपद में प्रभावी रहेगी, एवं जनपद रायबरेली की सीमा के अंतर्गत सामान्य रूप से रहने वाले/आने-जाने वाले सभी नागरिकों /व्यक्तियों पर लागू होगी। किसी के द्वारा कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया जायेगा, जिससे लोक परिशान्ति विखण्डित होने अथवा पारस्परिक सौहार्द में कोई व्यवधान उत्पन्न होने की सम्भावना हो। इसका उल्लंघन की धारा-223 भारतीय न्याय संहिता-2023 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा। यह निषेधाज्ञा मेरे हस्ताक्षर एवं न्यायालय की मुद्रा सहित निर्गत की जाती है।

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