रायबरेली-बेटे के नाम कोर्ट में चल रहा था भूमि बेदखली का मुकदमा , तथ्यों को छिपाकर पिता के नाम दर्ज कर दी जमीन,,

रायबरेली-बेटे के नाम कोर्ट में चल रहा था भूमि बेदखली का मुकदमा , तथ्यों को छिपाकर पिता के नाम दर्ज कर दी जमीन,,

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रिपोर्ट-सागर तिवारी


ऊंचाहार-रायबरेली-तहसील के एसडीएम न्यायिक कोर्ट का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है । तहसील के ही तहसीलदार न्यायालय में अवैध कब्जे को लेकर बेटे के नाम बेदखली का मुकदमा चल रहा था , इस तथ्य को छिपाकर एसडीएम न्यायिक द्वारा उसके पिता के नाम यही भूमि अनुच्छेद 67 क का लाभ देते हुए दर्ज कर दी गई है। यह सनसनीखेज खुलासा होने पर मामले की शिकायत अधिकारियों से की गई है।
       इस समय ऊंचाहार तहसील में अनुच्छेद 67 क के तहत लाभ लेने वाले लोगों का मामला काफी गरम है। आरोप है कि बीते समय में दर्शनों ऐसे लोगों को इस धारा का लाभ दिया गया है , जो धनाढ्य है और अपात्र है। मामले की जांच चल रही है । इसी प्रकरण में मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद अब इसी मामले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है । जिसमें नगर से जुड़ी मदारीगंज की राजमार्ग के किनारे की बेस कीमती जमीन को लेकर बड़ा खेल हुआ है। बताया जाता है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर  मूल रूप से अरखा गांव निवासी बृजेश कुमार के विरुद्ध तहसीलदार न्यायालय में बेदखली का मुकदमा चल रहा था। जिसमें आरोपित के साक्ष्य की तिथियां लगी थी। इस बीच इस तथ्य को छिपाकर इसी भूमि में 67 क का लाभ देते हुए अवैध कब्जेदार के पिता रामदास को गरीब भूमिहीन बताते हुए उनके नाम जमीन दर्ज कर दी गई। अब इस सनसनीखेज खुलासे के बाद इस प्रकरण के शिकायत कर्ता क्षेत्र के गांव पूरे राम जियावन मजरे सावापुर निवासी मनीष शुक्ल ने अधिकारियों को पुनः शिकायत की है । उन्होंने इसकी जांच और गलत तथ्य के साथ दर्ज की गई भूमि को खारिज करने और भूमि से बेदखल करने की मांग की है। उधर एसडीएम राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि मामले की जांच लंबित है , जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।