रायबरेली-हादसे में मृत श्रमिक के परिजनों ने कंपनी से मुआवजा न मिलने पर किया प्रदर्शन,,,,

रायबरेली-हादसे में मृत श्रमिक के परिजनों ने कंपनी से मुआवजा न मिलने पर किया प्रदर्शन,,,,

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  रिपोर्ट-सागर तिवारी

नायब तहसीलदार को दिया ज्ञापन एक सप्ताह में नहीं मिला मुआवजा फिर करेंगे धरना प्रदर्शन

ऊंचाहार- रायबरेली-करीब आठ दिन पूर्व गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य में लगी कम्पनी के मिक्सर प्लांट में कार्यरत एक दैनिक श्रमिक ( चालक) की मौत के मामले में समय पूरा होने के बाद कम्पनी से मुआवजा न मिलने पर परिजनों और दर्जनों ग्रामीणों ने कम्पनी गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। परिजन मुआवजे की रकम की माँग पर अड़े हैं।
गौरतलब है कि ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के ब्राह्मणों का नांदौरा मजरे पयागपुर गांव का रहने वाला विनोद कुमार पाण्डेय आरएमसी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में चालक के पद पर कार्यरत था।
बीती 14 अगस्त बृहस्पतिवार की सुबह करीब 9 बजे विनोद कमालपुर गांव स्थित कम्पनी के मिक्सर प्लांट पर ड्यूटी पर गया था। आरोप है कि प्लांट के कर्मचारियों ने बिना किसी कारण के उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की। इसके बाद उन पर जेसीबी चढ़ा दी गई।
गंभीर रूप से घायल विनोद को सीएचसी रोहनिया ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों और ग्रामीणों ने सीएचसी में प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मृतक के भाई मनोज कुमार पाण्डेय ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। करीब 5 घंटे चले प्रदर्शन के बाद एसडीएम राजेश कुमार श्रीवास्तव के मौके पर पहुंचने पर कम्पनी के मालिक से बात करने के बाद लिखित आर्थिक सहायता के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। कम्पनी ने ने मृतक की पत्नी के खाते सात लाख रुपए डाले थे। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। विनोद के परिवार में पत्नी चंद्रकांति, दो पुत्र शिवम और गोलू तथा बेटी मिनी हैं। 
लिखित समझौता के अनुसार समय पूरा होने के बाद भी मुआवजा की तय धनराशि न मिलने पर  मृतक की मां,पत्नी, बेटी समेत अन्य परिजन ने शुक्रवार की इटौरा बुजुर्ग स्थित आरएमसी कम्पनी के गेट पर दर्जनों ग्रामीणों के साथ पहुंचकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल मुस्तैद है। किन्तु पुलिस अलावा न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी और न ही कोई कम्पनी का अधिकारी पहुंचा है। इस दौरान मनीष शुक्ला, अंकित सिंह, कल्लू सिंह, प्रमोद सिंह फौजी, पप्पू पाठक, अजीत पाण्डेय, बीपी पाण्डेय, गोलू शुक्ला, धीरेन्द्र शुक्ला समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार शम्भू शरण पाण्डेय ने उन्हें समझाया बुझाया गया। तब प्रदर्शनकरियों ने एक सप्ताह में बकाया धनराशि मैंने के समय पर नायाब तहसीलदार को लिखित ज्ञापन दिया और चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह में बकाया मुआवजे की धनराशि नहीं मिली तो फिर धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।