रायबरेली में धरना प्रदर्शन के दौरान अपने ही अधिकारी को नही पहचान पाया दरोगा

रायबरेली में धरना प्रदर्शन के दौरान अपने ही अधिकारी को नही पहचान पाया दरोगा
रायबरेली में धरना प्रदर्शन के दौरान अपने ही अधिकारी को नही पहचान पाया दरोगा

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

मौर्य समाज पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में अखिल भारतीय मौर्य महासभा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने बुधवार को प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। कार्यकर्ता रायबरेली-परशदेपुर मार्ग जाम कर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन व झंडे लहराते हुए जय सम्राट के नारे लगाने लगे।

अखिल भारतीय मौर्य महासभा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोक-झोंक भी हो गई। सड़क जाम खुलवाने के प्रयास में पुलिस की संगठन के लोगों से बहस व धक्का मुक्की हो गई। पुलिसकर्मी इस दौरान वहां मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट राम औतार को भी पहचान नहीं सके और उन्हें भी धक्का देकर किनारे कर दिया। जिससे वह थोड़ी देर के लिए असहज भी दिखे।

मौर्य समाज के लोग बुधवार को बड़ी संख्या गोरा बाजार पहुंचे और कलेक्ट्रेट जाने लगे। पुलिस ने रोका तो कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर दी। संगठन के जिलाध्यक्ष आशीष मौर्य कहना था कि इंटरनेट मीडिया पर समाज के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी की गई है। टिप्पणी करने वाले के विरुद्ध पुलिस ने अब तक कार्रवाई नहीं की। यह लोग आरोपित के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को जब सड़क से हटाने का प्रयास किया तो उनके बीच धक्कामुक्की हुई। सिटी मजिस्ट्रेट राम औतार लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। इसी बीच भीड़ को उग्र होता देख पुलिस ने धक्का देते हुए सबको किनारे करने लगी। भीड़ के बीच नीली शर्ट में मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट को भी पुलिसकर्मी पहचान नहीं सके सके और धक्का देते हुए सड़क से हटाया। बाद में पुलिस को अपनी गलती का अहसास हुआ, अब लोगों को सिटी मजिस्ट्रेट के अगले कदम का इंतजार है।