रायबरेली-भारत विकास परिषद के संस्कृति सप्ताह के चौथे दिन वाद विवाद प्रतियोगिता संपन्न

रायबरेली-भारत विकास परिषद के संस्कृति सप्ताह के चौथे दिन वाद विवाद प्रतियोगिता संपन्न

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824

“सोशल मीडिया के प्रभावों का अध्यन एवं प्रबंधन जरूरी: विवेक विक्रम सिंह”

रायबरेली में भारत विकास परिषद के अंतर्गत होने वाले संस्कृति सप्ताह के चौथे दिन वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम का उदघाटन भारत विकास परिषद, रायबरेली के अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव ने भारत माता और स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया, उन्होंने परिषद द्वारा चलाए जा रहे संस्कार और सेवा कार्यक्रमों की जानकारी भी दिया। मुख्य अतिथि जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष विवेक विक्रम सिंह ने विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम की सराहना करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि बदलते परिवेश में सोशल मीडिया के संभावित सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों से अवगत होना और उनका प्रबंधन करना सभी के लिए ज़रूरी है। महिला संयोजक वाणी पांडेय ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। सोशल मीडिया के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के पक्ष में बोलते हुए लखनऊ पब्लिक स्कूल की शिवांगी ने जहाँ प्रथम स्थान हासिल किया वहीं वैदिक इंटर कॉलेज की सान्या दूसरे स्थान पर रहीं तथा बी. एस. एस. स्कूल की ऐश्वर्या को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। सोशल मीडिया के विपक्ष में बोलते हुए लखनऊ पब्लिक स्कूल की अलव्या प्रथम, रायन इंटरनेशनल की श्रीवल्ली द्वितीय और जे. पी. एस. पब्लिक स्कूल की अपूर्वा तृतीय स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता में आलोक श्रीवास्तव, प्रियंका अवस्थी और नवीन सिंह ने निर्णायक मंडल में शामिल होकर प्रतिभागियों को अंक प्रदान किए। सप्ताह संयोजिका विभा श्रीवास्तव ने सप्ताह पर्यंत होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दिया। सप्ताह सह-संयोजक उमेश अग्रवाल ने कहा कि सेवा और संस्कार के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए परिषद कटिबद्ध है। संचालन कार्यक्रम सहसंयोजक विवेक सिंह के द्वारा किया गया। कार्यक्रम संयोजिका स्नेहलता श्रीवास्तव ने प्रतियोगिता के नियमों की जानकारी दिया। डॉ. अमिता खुबेले ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर परिषद के पूर्व क्षेत्रीय संरक्षक डॉ. आर. बी. श्रीवास्तव, प्रांतीय उपाध्यक्ष नवल किशोर बाजपेयी, पूर्व अध्यक्ष राकेश कक्कड़, गजानन खुबेले, नीलिमा श्रीवास्तव, देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, सुरेश चंद्र शुक्ला, पवन श्रीवास्तव, डॉ. चम्पा श्रीवास्तव, राजा राम मौर्य, विजय सिंह, नीलम शर्मा, विनोद दुबे, शशिकांत राय, शिव कुमार गुप्ता, अंजू बाला मौर्य, संध्या रॉय, दिवाकर द्विवेदी का सहयोग सराहनीय रहा। अंत में ऊषा त्रिवेदी ने सभी का आभार व्यक्त किया।