गगनयान मिशन की तैयारी तेज, ISRO ने किया पहला सफल एयर ड्रॉप टेस्ट, पास हुआ पैराशूट सिस्टम

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गगनयान मिशन के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। ISRO ने इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-01) को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह टेस्ट गगनयान मिशन के पैराशूट सिस्टम को जांचने के लिए था।
इस काम में भारतीय वायु सेना, DRDO, भारतीय नौसेना और भारतीय तट रक्षक ने ISRO की मदद की। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि गगनयान के लिए ह्यूमन रेटेड लॉन्च व्हीकल (HLVM3) भी तैयार है। गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है। भारत का लक्ष्य 2035 तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) और 2040 तक चंद्रमा पर इंसान भेजना है।
ISRO ने गगनयान मिशन के लिए एक बहुत ही जरूरी टेस्ट किया है। इस टेस्ट का नाम IADT-01 था। यह टेस्ट यह देखने के लिए किया गया था कि गगनयान मिशन में पैराशूट ठीक से काम करते हैं या नहीं। पैराशूट अंतरिक्ष से वापस आते समय यान की स्पीड को कम करने में मदद करते हैं। यह टेस्ट ISRO और कई दूसरे संगठनों ने मिलकर किया। इन संगठनों में भारतीय वायु सेना, DRDO, भारतीय नौसेना और भारतीय तट रक्षक शामिल थे।
ISRO ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। इसमें लिखा है, 'ISRO ने गगनयान मिशन के लिए पैराशूट सिस्टम का पहला IADT-01 सफलतापूर्वक पूरा किया। यह टेस्ट ISRO, भारतीय वायु सेना, DRDO, भारतीय नौसेना और भारतीय तट रक्षक का संयुक्त प्रयास है।'
डॉ. जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि गगनयान मिशन के लिए HLVM3 रॉकेट तैयार है। यह रॉकेट इंसानों को अंतरिक्ष में लेकर जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल के लिए प्रोपल्शन सिस्टम भी बन चुके हैं और उनकी टेस्टिंग भी हो चुकी है। क्रू मॉड्यूल वह हिस्सा है जिसमें अंतरिक्ष यात्री रहेंगे। सर्विस मॉड्यूल क्रू मॉड्यूल को ऊर्जा और दूसरी जरूरी चीजें देगा।


