रायबरेली-बहेरवा ग्राम सभा में अम्बेडकर पार्क की भूमि पर अवैध कब्जे का मामले ने पकडा तूल जाने क्या,,,,,❓

रायबरेली-बहेरवा ग्राम सभा में अम्बेडकर पार्क की भूमि पर अवैध कब्जे का मामले ने पकडा तूल जाने क्या,,,,,❓

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    रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार- रायबरेली- बहेरवा ग्राम सभा में अम्बेडकर पार्क की भूमि पर कब्जे मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में स्थानीय प्रशासन समेत ग्राम प्रधान पर बड़े गम्भीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद हुई जांच में फर्जी पैमाईश करने, शिकायतकर्ताओं को जांच में शामिल न करने और जिलाधिकारी को गुमराह करने वाली रिपोर्ट भेजने का आरोप है। इस गम्भीर मामले में ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। स्थानीय प्रशासन और प्लाटर भूमाफिया के बीच सांठ गांठ की आशंका  जताई है। स्थानीय प्रशासन की फर्जी पैमाईश और गुमराह करने वाली रिपोर्ट के खिलाफ उन्होंने लखनऊ में अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। 
        ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के बहेरवा गाँव के मोहम्मद जुबैर, राम बाबू अम्बेडकर समेत दर्जनों ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन समेत जिलाधिकारी से शिकायत कर आरोप लगाया था कि ग्राम सभा की भूमि गाटा संख्या 435, 449, 450, और 433 , ऊसर, खेल का मैदान और अम्बेडकर पार्क नाम से राजस्व अभिलेखों में दर्ज इस भूमि पर प्रतापगढ़ जनपद के एक दबंग भू– माफिया द्वारा इन भूमि के अंश पर भूखण्ड बनाकर बिक्री कर दी गई। जिसपर अब अनवरत निर्माण कार्य जारी है। इस गम्भीर मामले में ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने एसडीएम राजेश कुमार श्रीवास्तव को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच तो हुई किन्तु बिना शिकायतकर्ताओं को सूचना दिए और उन्हें मौके पर नहीं बुलाया गया। जबकि भू माफियाओं की पूरी टीम को बुलाया गया। जांच टीम ने महज खाना पूर्ति किया और आख्या रिपोर्ट में कहा गया कि गाटा संख्या 435, 449, 450 और 433 की पैमाइश की जानकारी दी गई है। गाटा संख्या 435 में पक्की सड़क और नाला बना हुआ है, जबकि 0.040 हेक्टेयर में अवैध निर्माण पाया गया है। गाटा संख्या 449 में कोई अवैध कब्जा नहीं पाया गया है। गाटा संख्या 450 में पक्की सड़क, नाला और खेल का मैदान बना हुआ है, लेकिन 0.140 हेक्टेयर में कमी पाई गई है। गाटा संख्या 433 में पक्की सड़क, नाला और अम्बेडकर पार्क बना हुआ है, लेकिन 0.126 हेक्टेयर में अवैध कब्जा पाया गया है। 
इस जांच में भू माफिया का कोई कब्जा नहीं बताया गया अपितु गरीब तबके के लोगों का कब्जा बताया गया। यही नहीं उन्होंने राजस्व की धारा 67 (1) और बेदखली की कार्रवाई भी कर दी। यह जांच  नायब तहसीलदार शम्भू शरण पाण्डेय की देखरेख में की गई। शिकायतकर्ताओं को मौके पर न बुलाना, भू माफियाओं की पूरी टीम को मौके पर बुलाना, फर्जी पैमाईश करना, भू माफिया का कब्जा न मिलना, गरीबों पर कार्रवाई करना इन सारी कार्रवाई से ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि स्थानीय प्रशासन और भूमाफियाओं के बीच रुपयों की लेन देन से सांठ गांठ हुई है। जिसके चलते जिलाधिकारी हर्षिता माथुर को गुमराह करने वाली रिपोर्ट भेजी गई है। इससे नाराज ग्रामीणों ने बताया की वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए लखनऊ कूच करेंगे, फर्जी रिपोर्ट व स्थानीय प्रशासन और भूमाफियाओं के बीच सांठ गांठ के विरुद्ध अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।