रायबरेली-डीएम को सौंपी गई रिपोर्ट पर सवाल, शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप जाने क्या है पूरा मामला,,,❓

रायबरेली-डीएम को सौंपी गई रिपोर्ट पर सवाल, शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप जाने क्या है पूरा मामला,,,❓

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    रिपोर्ट-सागर तिवारी

शिकायतकर्ता का अल्टीमेटम, नहीं हुई कार्रवाई तो करेंगे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन


ऊंचाहार-रायबरेली-अम्बेडकर और ऊसर के नाम सुरक्षित भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के मामले में स्थानीय प्रशासन पर बड़े गम्भीर आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और अवैध प्लाटर से सांठ–गांठ सुगबुगाहट तेज हो गई है। आला अधिकारियों की सख्ती के बाद स्थानीय प्रशासन ने सरकारी भूमि पर खाना पूर्ति करके अल्प कार्रवाई से एक फिर अधिकारियों को गुमराह कर दिया है। 
         दरअसल ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के बहेरवा ग्राम सभा स्थित 435,449,450, और 433मि0 भूमि राजस्व अभिलेखों में बाबा साहब अम्बेडकर, ऊसर खेल कूद मैदान दर्ज है। इस भूमि पर प्रतापगढ़ जनपद के मानिकपुर निवासी एक भू–माफिया ने अवैध भूखण्ड बनाकर सीधे सादे लोगों को बेंच दिया। अब इस भूमि में निर्माण शुरू हो गया तो मामले शिकायत स्थानीय प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन से की गई। जिलाधिकारी के आदेश पर उपजिलाधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने एक टीम गठित कार दिया। टीम ने मौके की जाँच की और एसडीएम ने डीएम को सौंपी अपनी जांच आख्या में बताया कि भूमि गाटा संख्या 435, 449, 450 और 433 की पैमाइश की जानकारी दी गई है। गाटा संख्या 435 में पक्की सड़क और नाला बना हुआ है, जबकि 0.040 हेक्टेयर में अवैध निर्माण पाया गया है। गाटा संख्या 449 में कोई अवैध कब्जा नहीं पाया गया है। गाटा संख्या 450 में पक्की सड़क, नाला और खेल का मैदान बना हुआ है, लेकिन 0.140 हेक्टेयर में कमी पाई गई है। गाटा संख्या 433 में पक्की सड़क, नाला और अम्बेडकर पार्क बना हुआ है, लेकिन 0.126 हेक्टेयर में अवैध कब्जा पाया गया है। शिकायतकर्ता राम बाबू अम्बेडकर ने स्थानीय प्रशासन पर बड़े गम्भीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि डीएम को सौंपी गई रिपोर्ट पूरी तरह से फर्जी और अधूरी। अम्बेडकर भूमि पर अवैध कब्जा कर बिक्री कर दिया, ऊसर की भूमि पर अवैध कब्जेदारों का कब्जा है। आरोप है कि स्थानीय प्रशासन ने अवैध प्लाटर से सांठ गाँठ कर लिया और मोटी रकम लेकर डीएम को फर्जी रिपोर्ट सौंप दी गई। शिकायतकर्ता राम बाबू अम्बेडकर ने बताया कि मामले में डिप्टी सीएम के हस्तक्षेप के बाद डीएम की सख्ती से स्थानीय प्रशासन के हाथ पाव फूल गए और जल्द बाजी में खाना पूर्ति करते हुए एक बार फिर डीएम को गुमराह करने वाले रिपोर्ट भेज दी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि राम बाबू अम्बेडकर का कहना है कि सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने के लिए जल्द ही कूच करेंगे और जबतक करवाई नहीं होगी अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन करेंगे। 
नामित जांच अधिकारी नायब तहसीलदार शम्भू शरण पाण्डेय से फोन पर जानकारी करने का प्रयास किया गया किन्तु उन्होंने फोन नहीं उठाया।