रायबरेली: डलमऊ ब्लॉक में दुकानों के आवंटन की जांच ठंडे बस्ते में, एडीओ सीताराम की कार्यशैली पर उठे सवाल

रायबरेली: डलमऊ ब्लॉक में दुकानों के आवंटन की जांच ठंडे बस्ते में, एडीओ सीताराम की कार्यशैली पर उठे सवाल

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

डीपीआरओ के जांच आदेश के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, दुकानों के किराये और निर्माण कार्य को लेकर उठे सवाल

रायबरेली-डलमऊ ब्लॉक में आवंटित दुकानों से जुड़े मामले में जांच की धीमी रफ्तार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) की ओर से जांच के आदेश दिए जाने के बावजूद अब तक जांच पूरी नहीं होने का आरोप है। मामले में एडीओ सीताराम की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, डलमऊ ब्लॉक के अंतर्गत ब्लॉक की ओर से दुकानों का आवंटन किया गया था। इन दुकानों के आवंटन को लेकर कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। आरोप है कि दुकानों के आवंटन के बाद कुछ दुकानदारों ने उन्हें किराये पर देने और निर्माण कार्य कराने जैसे कदम उठाए। इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ ने जांच के आदेश दिए थे, लेकिन आरोप है कि काफी समय बीत जाने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर जांच किस स्तर पर लंबित है और जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
इस प्रकरण को लेकर एडीओ सीताराम से कई बार फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि उन्होंने फोन नहीं उठाया और मामले में जानकारी नहीं मिल सकी। हालांकि, उनका पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जांच के आदेश जारी हो चुके हैं, तो अब तक जांच पूरी क्यों नहीं हुई? क्या संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है या जांच में कोई अन्य बाधा है? इन सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट और विभागीय कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।

अब देखना होगा कि डीपीआरओ इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और डलमऊ ब्लॉक में आवंटित दुकानों से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कब तक पूरी होती है।