दबंगों से परेशान पीड़िता थाना परिसर में पुलिस के सामने घुटनों पर बैठकर कर रही है न्याय की मांग

दबंगों से परेशान पीड़िता थाना परिसर में पुलिस के सामने घुटनों पर बैठकर कर रही है न्याय की मांग

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पुलिस की निष्क्रियता से दबंगों के हौसले बुलंद, महिला सुरक्षा के दावों की खुल रही हैं पोल

रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647

बछरावां रायबरेली- थाना क्षेत्र के अंतर्गत पासी टूसी गांव से एक ऐसा मामला निकलकर सामने आया है, जिसने पुलिस की निष्क्रियता से दबंगों के बुलंद हौंसलों के आगे सरकार की महिला सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण की योजना के दावो की पोल खोल कर रख दी है। जिसका जीता जागता उदाहरण बुधवार को थाना परिसर के अंदर देखने को मिला, जब एक पीड़िता महिला अपने परिजनों के साथ थाना परिसर में घुटनों के बल बैठकर स्थानीय पुलिस से न्याय की गुहार लगाने लगी, जिसका वीडियो मोबाइल कैमरे में कैद हो गया। वहीं जब उक्त मामले में अत्यधिक जानकारी प्राप्त की गई तो पीड़िता महिला कीर्ति सिंह के द्वारा बताया गया कि उनके घर के सामने उनकी सहन की जमीन है। वही गांव के ही रहने वाले विनोद सिंह उनके लड़के नीरु, उनकी बेटी प्रीति और राशी उस जमीन पर खूटा गाड़ने लगे, जिस पर पीड़िता के ससुर के द्वारा उन्हें खूटा गाड़ने के लिए मना किया गया। जिस पर विपक्षी एक राय होकर पीड़िता के ससुर पर हमलावर हो गए। जब पीड़िता अपने ससुर को बचाने गई तो उक्त हमलावरों ने पीड़िता को पास में ही मौजूद एक नाली में गिराकर उसकी भी बेरहमी से पिटाई कर दी। जिससे पीड़िता को गंभीर चोटे आई है। साथ ही साथ पीडिता कीर्ति सिंह के द्वारा यह भी बताया गया कि पूर्व में भी उक्त दबंगों के द्वारा उनके व उनके परिजनों से इसी विवाद को लेकर मारपीट की गई थी, जिसकी शिकायत उन्होंने स्थानीय थाने पर की थी, लेकिन स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता एवं कठोर कार्यवाही न करने की वजह से उक्त दबंगो के हौसले बुलंद थे। जिसके कारण उन्होंने फिर मेरे व मेरे परिजनों के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया है। फिलहाल पीडिता के द्वारा पुन: घटना की शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई गई है। इसके पश्चात स्थानीय पुलिस के द्वारा पीडिता का इलाज व मेडिकल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां में कराया गया है। परंतु दबंगों के कहर का शिकार हुई पीड़िता व उसके पारिवारिक जनो के द्वारा स्थानीय थाना परिसर में घुटनों के बल बैठकर जिस तरह पुलिस से न्याय की मांग की जा रही है। वह कहीं न कहीं गंभीर मामलों को गंभीरता पूर्वक न लेने के संबंध में बछरावा पुलिस की निष्क्रियता का ज्वलंत उदाहरण है। जो कहीं न कहीं जनपद के ईमानदार पुलिस अधीक्षक रवि कुमार की साख पर बट्टा लगाने का काम कर रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जनपद की सुरक्षा व्यवस्था के आला कमान रवि कुमार बछरावां पुलिस की इस घोर लापरवाही से उत्पन्न हुई इस समस्या पर क्या कार्यवाही करते हुए नजर आते हैं। जो एक यक्ष प्रश्न बना हुआ है?