एम्स, रायबरेली ने पैरोटिड ग्रंथि और पैराफैरिंजियल स्पेस से एक साथ उत्पन्न हुए दो दुर्लभ ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाया

एम्स, रायबरेली ने पैरोटिड ग्रंथि और पैराफैरिंजियल स्पेस से एक साथ उत्पन्न हुए दो दुर्लभ ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाया

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स), रायबरेली के नाक कान गला शल्य (ईएनटी) विभाग ने एनेस्थीसिया विभाग के सहयोग से पैरोटिड ग्रंथि और पैराफैरिंजियल स्पेस की नसों से उत्पन्न हुए एक साथ दो दुर्लभ ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला। एक ३८ वर्षीय मरीज, जो बाईं पैरोटिड ग्रंथि में लगातार सूजन से पीड़ित था, एम्स आया और सारी जांच के बाद उसे श्वानोमा का मामला बताया गया। लेकिन यह मामला सर्जिकल टीम के लिए और भी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि उन्हें पैरोटिड ग्रंथि के डीप लोब और पैराफैरिंजियल स्पेस में दो अलग-अलग ट्यूमर मिले।
सर्जिकल टीम का नेतृत्व ईएनटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरिजीत जोतदार ने डॉ. ध्रुव कपूर, डॉ. मयूर, डॉ. आस्था, डॉ. सृष्टि और डॉ. प्रभात के साथ किया। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. कालीचरण दास ने डॉ. कृष्णा और डॉ. अश्वथी के साथ किया। सर्जिकल टीम ने तीन घंटे की सर्जरी में दोनों ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया, जिसमें फेशियल नर्व की सभी शाखाओं और कैरोटिड धमनी को सुरक्षित रखा गया। सर्जरी के बाद मरीज को चेहरे की कोई कमजोरी महसूस नहीं हुई।
ईएनटी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अनन्या सोनी और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरिजीत जोतदार ने बताया कि इस प्रकार का ट्यूमर पैरोटिड ग्रंथि का एक अत्यंत दुर्लभ ट्यूमर है जो आम तौर पर फेशियल नर्व से उत्पन्न होता है। ऐसे ट्यूमर को निकालने में चेहरे का पक्षाघात (फेसिअल पैरालिसिस) का खतरा हमेशा बना रहता है, क्योंकि ट्यूमर को नर्व से अलग करके निकाला जाता है। इसके अलावा, पैराफैरिंजियल क्षेत्र से किसी भी ट्यूमर को निकालना और भी चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि यह फेसिअल नर्व और कैरोटिड धमनी के निकट स्थित होता है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे दो ट्यूमर का एक साथ उत्पन्न होना अत्यंत दुर्लभ है। ऑपरेशन के दौरान इंट्राऑपरेटिवे नर्व मॉनिटरिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग दोनों ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाने में अत्यंत सहायक रहा।
कार्यकारी निदेशक, प्रोफेसर अमिता जैन की मार्गदर्शन और प्रेरणा से, एम्स, रायबरेली मेडिकल इनोवेशन में सबसे आगे रहा है, जो मरीजों को व्यापक निदान और उपचार प्रदान करता है। इंस्टीट्यूट की अच्छी क्वालिटी की देखभाल देने की कमिटमेंट उसकी अत्याधुनिक सुविधाओं और कुशल मेडिकल और सर्जिकल टीमों में दिखती है।