भारतीय डाक के उत्तर गुजरात परिक्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹246.79 करोड़ का राजस्व अर्जित कर 25% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की*

भारतीय डाक के उत्तर गुजरात परिक्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹246.79 करोड़ का राजस्व अर्जित कर 25% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की*

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रिपोर्ट-केशवानन्द शुक्ला

 

*उत्तर गुजरात परिक्षेत्र की उपलब्धियाँ सेवा गुणवत्ता, पारदर्शिता, नवाचार और जनसेवा के प्रति डाक विभाग की प्रतिबद्धता का प्रमाण-पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव*

*वित्तीय समावेशन से लेकर, डाक जीवन बीमा, मेल्स व पार्सल, नागरिक-केंद्रित सेवाओं में उत्तर गुजरात डाक परिक्षेत्र ने स्थापित किये नए आयाम*

भारतीय डाक विभाग के उत्तर गुजरात परिक्षेत्र, अहमदाबाद ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से बहुआयामी उपलब्धियों का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के नेतृत्व में 'डाक सेवा, जन सेवा' के मूल मंत्र को सार्थक करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कुल ₹246.79 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 25.07% की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है। क्षेत्रीय कार्यालय में समीक्षा बैठक के दौरान बताया  गया कि डाक निदेशालय द्वारा चिन्हित सभी 7 प्रमुख राजस्व क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया गया। इस दौरान डाकघर बचत बैंक में ₹101 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.06% अधिक है। डाक जीवन बीमा में ₹9.86 करोड़ और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में ₹6.57 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया, जिसमें क्रमशः 28.68% और 15.78% की वृद्धि दर्ज की गई। मेल ऑपरेशन और पार्सल में क्रमशः ₹59.04 करोड़ और ₹48.20 करोड़ का राजस्व अर्जित हुआ, जो गत वर्ष की तुलना में क्रमश: 21.17% और 190.12% की वृद्धि को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय मेल में ₹8.55 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया, जो वैश्विक स्तर पर डाक सेवाओं के विस्तार एवं बढ़ती मांग को प्रतिबिंबित करता है। नागरिक-केंद्रित सेवाएँ में ₹13.47 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23.74% की वृद्धि को दर्शाता है। 

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के नेतृत्व में गत वर्ष 'पोस्टल वॉरियर्स' अभियान चलाकर डाकघरों द्वारा वित्तीय समावेशन पर फोकस किया गया। नतीजन, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान उत्तर गुजरात परिक्षेत्र में 8.84 लाख नए डाकघर बचत बैंक खाते खोले गए, इसी के साथ बचत बैंक खातों की कुल संख्या 43 लाख को पार कर गई। पहली बार डाकघर बचत बैंक का राजस्व ₹100 करोड़ को पार कर ₹101 करोड़ तक पहुँचा। अहमदाबाद नगर मंडल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे गुजरात में गत वर्ष सर्वाधिक 2.94 लाख नए खाते खोलकर अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। 26 हजार से ज्यादा लोगों ने डाक जीवन बीमा व ग्रामीण डाक जीवन बीमा की पॉलिसी ली। उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के 1,110 गाँवों को ‘संपूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम’, 400 गाँवों को ‘संपूर्ण बचत ग्राम’ व 791 गाँवों को ‘संपूर्ण बीमा ग्राम' घोषित किया जा चुका है। ये उपलब्धियाँ ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा एवं बचत की भावना को प्रोत्साहित करने में डाक विभाग के सतत प्रयासों को दर्शाती हैं। 

भारतीय डाक द्वारा नागरिक-केंद्रित सेवाओं के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। डाकघरों के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 में  उत्तर गुजरात में 4.19 लाख लोगों को आधार सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया, जिसमें 3.31 लाख पोस्ट ऑफिस काउंटर से और 88 हजार लोगों ने सीईएलसी के माध्यम से डोर स्टेप पर आधार सेवाएं ली। इसके अतिरिक्त पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र के माध्यम से 68,702 पासपोर्ट आवेदन प्रोसेस किए गए। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि उत्तर गुजरात परिक्षेत्र की ये उपलब्धियाँ डाक विभाग की सेवा गुणवत्ता, पारदर्शिता, नवाचार एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जो समाज के सभी वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत हैं।

सहायक निदेशक श्री वी. एम. व्होरा ने बताया कि, डाक सेवाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सुनिश्चित करने हेतु 'राष्ट्रीय डाक सप्ताह', स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस सहित तमाम अवसरों पर उत्तर गुजरात में 6,771 डाक चौपाल का आयोजन किया गया। सहायक निदेशक श्री अल्पेश शाह ने कहा कि, पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के नेतृत्व में 'पोस्टल वॉरियर्स' अभियान के तहत उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के सभी 1905 शाखा डाकघरों को “सिल्वर पोस्टल वॉरियर”, 1704 शाखा डाकघर ‘गोल्ड वॉरियर’, 190 शाखा डाकघर ‘डायमंड वॉरियर’ तथा 48 शाखा डाकघर ‘प्लेटिनम वॉरियर’ के रूप में घोषित किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि परिक्षेत्र के सभी मण्डलाधीक्षकों, उपमंडलाध्यक्षों, पोस्टमास्टरों, ब्रांच पोस्टमास्टरों तथा फील्ड स्टाफ के सामूहिक प्रयास, बेहतर समन्वय और मजबूत टीम भावना का प्रतिफल है।