रायबरेली-तेज आंधी व तूफान का शिकार हुआ गरीब का आशियाना, ग्रामीणों की मदद से बची जान
पीड़िता की समस्या का समाधान करने के बजाय गालीगलौज पर उतारू हुए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अवध राम, ऑडियो वायरल
रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647
बछरावां रायबरेली। थाना क्षेत्र के अंतर्गत मल्हीपुर मजरे टोडरपुर गांव में बीते शनिवार की देर शाम आए तेज आंधी तूफान एवं मूसलाधार बारिश से स्थानीय गांव निवासी गंगाजली के घर पर दो नीम के पेड़ गिर गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त गांव निवासी गंगाजली, जो शनिवार की रात अपने परिवार को लेकर सोने के लिए जा रही थी। तभी अचानक आंधी तूफान के बीच दो नीम के पेड़ उनके घर के ऊपर गिर गए। जिससे लगभग 20 वर्षों से छप्पर डालकर गुजारा कर रही गंगाजली का आशियाना उजड़ गया। वहीं पीड़िता गंगाजली की इस समस्या को लेकर जब एक संवाददाता ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि टोडरपुर अवधराम से दूरभाष के माध्यम से बातचीत की तो ग्राम प्रधान के शब्द बेशब्द नजर आए। उन्होंने पीड़िता की समस्या की सुध लेने के बजाय उसकी इस गंभीर समस्या से मुंह मोड़ते हुए उसके खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया। यहां तक प्रधान जी ने पीड़िता के विरुद्ध मां की गाली का प्रयोग करते हुए संवाददाता से यह कहा कि आपका मोदी जी से ज्यादा अच्छा संपर्क है, मेरा नहीं है, आप उन्हें आवास दिला दीजिए। वही ग्राम प्रधान के इस बेतुके बयान का ऑडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। स्थानीय गांव के रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की देर रात जब गंगाजली का परिवार छप्पर के ऊपर गिरे नीम पेड़ों के नीचे दबा हुआ था और उनकी चीख पुकार सुनकर वह सभी लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें किसी तरह बाहर निकाला गया। जिससे किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई है। लेकिन उसके घर में रखा गृहस्थी का सारा सामान बर्बाद हो गया है और ग्राम प्रधान को रात में ही सूचना दी गई। परंतु घटना के 18 घंटे बीत जाने के बाद भी ग्राम प्रधान मौके पर नहीं पहुंचे, अपितु वह पीड़िता के विरुद्ध गालीगलौज एवं अभद्रता पर उतारू हो गए, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। वही इस गंभीर समस्या को लेकर जब खंड विकास अधिकारी बछरावां शिवबहादुर सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया की पीड़िता की हर संभव मदद की जाएगी। वहीं उक्त घटना की जांच भी की जाएगी और जो दोषी होगा उसके ऊपर कठोर कार्यवाही की जाएगी। परंतु सवाल यह उठता है कि ग्राम सभा की जनता जिस व्यक्ति को अपना वोट देकर 5 साल के लिए उसे चुनती है और उस चुने हुए पदासीन व्यक्ति से उस जनता को यह आशा रहती है कि वह उसके सुख-दुख में उसकी मदद करेगा। परंतु उक्त ग्राम सभा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अवध राम के इस बेतुके बयान ने जनता के विश्वास को तोड़ने का काम किया है, जो कहीं न कहीं ग्राम प्रधान की कार्यशैली एवं उनकी भाषाशैली पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है। अब फिलहाल देखने वाली बात यह होगी कि खंड विकास अधिकारी महोदय इस गंभीर मुद्दे पर कब तक क्या कार्यवाही करते हुए नजर आएंगे, जो एक यक्ष प्रश्न बना हुआ है?

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