खून पसीने से सींचा था जिसे अपनी औलाद की तरह, आज कुदरत ने उस फसल को कर दिया तन्हा और बर्बाद: अन्नदाता
रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647
बछरावा रायबरेली। खून पसीने से सींचा था जिसे अपनी औलाद की तरह, आज कुदरत ने उस फसल को कर दिया तन्हा और बर्बाद! जी हां यह पंक्तियां किसी शायर, कवि या लेखक की नहीं है, बल्कि यह पंक्तियां विधानसभा क्षेत्र के उन हजारों किसानों की है, जिनकी कई महीनो की कड़ी मेहनत व बहाये गए पसीने पर बीते शनिवार की देर रात आए तेज आंधी तूफान व मूसलाधार बारिश ने पानी फेर कर रख दिया है। विदित हो कि बीते शनिवार की देर शाम विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में आई तेज आंधी एवं हुई मूसलाधार बारिश के साथ ओले गिरने की वजह के साथ अपने अंतिम चरण पर खड़ी पकी गेहूं की फसल को बर्बादी के कगार पर देखने के साथ किसानों के चेहरे पर मायूसी एवं चिंता की रेखाएं नजर आ रही है। इस संबंध में जब क्षेत्र के अन्नदाताओं से बातचीत की गई तो उनके द्वारा यह जानकारी दी गई कि जो भी फ़सल कट कर खेतों में पड़ी है, वह पूर्ण रूप से भीग चुकी है, ओले गिरने की वजह से गेहूं के दाने खेतों में गिर गए हैं। साथ ही साथ उनके द्वारा यह भी बताया गया कि जो भी फसल खड़ी है, वह तेज हवा के कारण खेतों में ही झुक गई है, और अब कितना अन्न का दाना घरों में आ सकता है, यह राम भरोसे ही है। फिलहाल शनिवार की देर रात हुई इस बारिश व आंधी तूफान ने अन्नदाताओं की धड़कनें बढ़ा दी है, अब उन्हें अपनी लागत भी न निकलने का डर सता रहा है।

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