रायबरेली: गोरखपुर सांसद रवि किशन का फर्जी PSO गिरफ्तार

रायबरेली: गोरखपुर सांसद रवि किशन का फर्जी PSO गिरफ्तार

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

रायबरेली-डलमऊ तहसील में एसडीएम पर अनैतिक काम का दबाव बनाना एक युवक को भारी पड़ गया। एसडीएम ने पुलिस बुलाकर उसे जेल भिजवा दिया। आरोपी खुद को गोरखपुर सांसद रवि किशन का पीएसओ बताकर एसडीएम पर रौब झाड़ रहा था।रायबरेली के डलमऊ तहसील परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने खुद को गोरखपुर सांसद रवि किशन का पीएसओ बताकर एसडीएम पर रौब झाड़ना शुरू कर दिया। एसडीएम सत्येंद्र सिंह का कहना है कि आरोपी को खुद को वीआईपी बताकर अनैतिक काम के लिए दबाव बना रहा था। इसके बाद जब उससे परिचय पूछा गया तो उसने बताया कि वह गोरखपुर सांसद रवि किशन का पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर है।

हालांकि युवक का आईडी कार्ड संदिग्ध लगने पर इसकी जांच की गई तो वह फर्जी पाया गया। इसके बाद पुलिस बुलाकर युवक को गिरफ्तार कराया गया। गिरफ्तारी के दौरान युवक अपनी गलती के लिए क्षमायाचना करने लगा, लेकिन उसे जेल भिजवा दिया गया है। आरोपी की पहचान लालगंज थानाक्षेत्र के गांव मधुकरपुर निवासी सूरज सिंह पुत्र भोला सिंह के रूप में हुई है।दरसअल, डलमऊ तहसील कार्यालय में गुरुवार को एसडीएम सत्येंद्र सिंह सरकारी काम निपटा रहे थे। इस दौरान उनके पास फरियादियों की भीड़ लगी थी। इसी बीच लालगंज थानाक्षेत्र के गांव मधुकरपुर निवासी सूरज सिंह पुत्र भोला सिंह उनके ऑफिस में दाखिल हुआ और उसने आते ही एसडीएम पर अपने काम के लिए रौब झाड़ना शुरू कर दिया। एसडीएम ने उससे परिचय पूछा तो उसने बताया कि वह गोरखपुर भाजपा सांसद रवि किशन शुक्ला का पीएसओ है। इसके बाद एसडीएम ने उससे आईकार्ड मांगा। एसडीएम का कहना है कि सूरज सिंह का आईकार्ड देखने पर कुछ संदिग्ध लगा। इसपर सूरज सिंह को कुर्सी पर बैठाकर वह दूसरे कमरे में चले गए और सांसद रवि किशन से संपर्क कर इसकी पड़ताल की।एसडीएम सत्येंद्र सिंह ने बताया कि पूछताछ में सांसद रवि किशन ने सूरज सिंह नाम के आदमी को पहचानने से ही इनकार कर दिया और आईकार्ड को भी फर्जी बताया। इसके बाद एसडीएम ने तथाकथित सांसद के सुरक्षाकर्मी को गिरफ्तार कराने के लिए पुलिस बुला ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तथाकथित सुरक्षाकर्मी सूरज सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सूरज सिंह अपने किए पर शर्मिंदगी जताते हुए माफी मांगने लगा, लेकिन एसडीएम सत्येंद्र सिंह ने उसे जेल भेजने का आदेश दिया। एसडीएम की इस कार्रवाई से तहसील में हड़कंप मच गया। एसडीएम सत्येंद्र सिंह ने बताया कि शासन कै मंशानुरूप कार्य होगा, अनैतिक दबाव किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगा