ऊंचाहार: छप्पर के नीचे नौनिहालों का भविष्य और निजी स्कूल की दबंगई, शिक्षा व्यवस्था बेहाल,,,,

ऊंचाहार: छप्पर के नीचे नौनिहालों का भविष्य और निजी स्कूल की दबंगई, शिक्षा व्यवस्था बेहाल,,,,

-:विज्ञापन:-




रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार, रायबरेली। एक तरफ सरकार 'सर्व शिक्षा अभियान' पर करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के ग्राम मकवापुर में शिक्षा व्यवस्था की रोंगटे खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ 'डॉक्टर अम्बेडकर जीवन ज्योति विद्यालय' किसी पक्की इमारत में नहीं, बल्कि घने जंगल के बीच घास-फूस के छप्पर के नीचे चल रहा है।
बिना बाउंड्रीवाल और सुरक्षा मानकों के संचालित यह स्कूल मासूमों की जान जोखिम में डाल रहा है। शौचालय गंदगी से पटे हैं और बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि शिक्षा विभाग ने ऐसे 'नरक' जैसे हालात वाले स्थान को कक्षा 1 से 5 तक की मान्यता कैसे दे दी?
मार्कशीट के बदले अवैध वसूली का आरोप
इसी स्कूल में शिक्षा माफियाओं का एक और काला चेहरा सामने आया है। राजापुर निवासी आशीष कुमार ने मकवापुर स्थित इसी निजी स्कूल के प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि जब उसने अपनी हाईस्कूल की मार्कशीट मांगी, तो प्रिंसिपल ने फर्जी तरीके से दो साल की अतिरिक्त फीस की मांग की और विरोध करने पर धमकी दी। आशीष ने शुक्रवार को ऊंचाहार कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है।
कोतवाल अजय कुमार राय का कहना है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। 
बीईओ ऋचा सिंह ने बताया कि मामले जानकारी है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी बदहाल बुनियादी ढांचा और अवैध वसूली की ये घटनाएं ऊंचाहार की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लगाती हैं।