रायबरेली-सरकारी कर्मचारियों को प्रशासक बनाए जाने के विरोध में आगामी 20 मई को रमाबाई अंबेडकर पार्क में जुड़ेगे प्रदेश भर के ग्राम प्रधान
रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647
बछरावां रायबरेली। सरकार द्वारा समय पर चुनाव न कराए जाने की अपनी नाकामी को छुपाने के लिए प्रशासक नियुक्त करने का कुचक्र रचा जा रहा है। मजे की बात यह है कि यह प्रशासक सरकार का कोई कर्मचारी होगा, जैसा की 5 वर्ष पूर्व हो चुका है। प्रशासक के कार्यकाल में जो लूट का तांडव देखने को मिला, वह जग जाहिर है। इस बार भी सरकार द्वारा समय से मतदाता सूची नहीं बनवाई जा सकी और न हीं आरक्षण का पैमाना तय किया जा सका। इसलिए चुनाव की समय से घोषणा भी नहीं हुई। 26 मई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। फिर से एक बार सरकार का इरादा है कि किसी सरकारी कर्मचारी को प्रशासक बनाया जाए और गांव के विकास के लिए आने वाले धन का बंदर बांट किया जा सके। उत्तर प्रदेश के प्रधान संघ द्वारा इसका घोर विरोध किया जा रहा है। प्रधान संघ की मांग है कि अगर सरकार को प्रशासक ही नियुक्त करना है तो ग्राम प्रधान को ही प्रशासक क्यों न नियुक्त किया जाए, जैसा कि पूर्व में हो चुका है। उदाहरण के तौर पर वर्ष 1982 का चुनाव 1988 में कराया गया और 1988 का चुनाव 1995 में कराया गया। वर्ष 2010 में प्रधानों का कार्यकाल 6 माह के लिए बढ़ाया गया। यह इस बात की नजीर है कि पूर्व की सरकारों द्वारा जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर ज्यादा विश्वास था न कि नौकरशाही पर! सरकार की इस कुटिल नीति को लेकर प्रधान संघ बछरावां द्वारा ब्लॉक सभागार में एक बैठक का आयोजन प्रधान संघ अध्यक्ष अरुण नारायण चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। जिसमें एक स्वर से मांग की गई की पूर्व के सरकारों के कार्य को देखते हुए ग्राम प्रधान को ही प्रशासक बनाया जाए। लिए गए निर्णय के अनुसार बछरावां प्रधान संघ के समस्त प्रधान आगामी 20 मई को रमाबाई अंबेडकर पार्क में एकत्रित होकर प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन में अपनी आवाज बुलंद करेंगे। गौरतलब है की कुछ दिन पूर्व तक सोशल मीडिया पर यह खबरें प्रकाशित हो रही थी की ग्राम सभाओं के अंदर प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद का प्रशासक प्रधान होगा। परंतु नौकरशाही के मकर जाल में फंसकर सरकार मौजूदा समय में कुछ और ही करने जा रही है। यदि सरकार द्वारा ऐसा कदम उठाया गया तो इसमें दो राय नहीं है कि आगामी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में योगी सरकार को इसका भयंकर खामियाजा भुगतने को मिल सकता है। बैठक के दौरान प्रधान प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह, प्रधान प्रतिनिधि बाबा हंसराज, प्रधान प्रतिनिधि अवध कुमार, प्रधान प्रतिनिधि देवनारायण, प्रधान विनोद कुमार यादव, प्रधान गया प्रसाद यादव, प्रधान प्रतिनिधि रामनरेश, प्रधान अनुज द्विवेदी, प्रधान विकास यादव, प्रधान देशराज यादव, प्रधान धर्मपाल सिंह, प्रधान नीरज कुमार, अजय कुमार, प्रधान दीपक सिंह, प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप कुमार, प्रधान धनीराम, प्रधान धनंजय, प्रधान राजेंद्र कुमार, प्रधान नीलम वर्मा सहित भारी संख्या में ग्राम प्रधान तथा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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