जिलाधिकारी ने रायबरेली विकास प्राधिकरण कार्यालय का किया निरीक्षण

जिलाधिकारी ने रायबरेली विकास प्राधिकरण कार्यालय का किया निरीक्षण

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कार्यालय व्यवस्था, लंबित प्रकरणों के निस्तारण व नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता सुधारने के दिए निर्देश

रायबरेली- जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने आज रायबरेली विकास प्राधिकरण (आरडीए) कार्यालय का औचक निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय के रख-रखाव, अभिलेखों एवं फाइलों के निस्तारण की प्रगति, कर्मचारियों की उपस्थिति तथा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही नागरिक सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित मामलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं दक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने कार्यालय में साफ-सफाई, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव तथा आगंतुकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया। साथ ही कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने एवं कार्य संस्कृति में सुधार लाने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों से संबंधित मामलों में अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनसुनवाई से प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्राधिकरण सीमा क्षेत्र के अन्तर्गत समस्त प्रकार के पूर्व निर्मित बिल्डिंग्स जिनका मानचित्र पास नहीं है तथा निर्माणाधीन भवनों के मानचित्र स्वीकृत/शमन हेतु आवेदन अगले 07 दिवस में अवश्य करा लें, मानचित्र स्वीकृति के लिए विकास प्राधिकरण में सिंगल बिन्डों सिस्टम है। विकास प्राधिकरण लैण्डयूज के अनुरूप 15 दिवस में मानचित्र स्वीकृति प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। उपर्युक्त निर्माणों के मानचित्रक स्वीकृत न होने की दशा में उ०प्र० नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी, जिसके लिए सम्बन्धित निर्माणकर्ता स्वयं उत्तरदायी होंगे।जिलाधिकारी ने कहा कि उ०प्र० शासन के आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-01 द्वारा जारी शासनादेश के अन्तर्गत सम्पत्तियों के डिफाल्टर आवंटियों के सापेक्ष बकाये की वसूली हेतु एक अवसर प्रदान करने के लिए मुश्त समाधान योजना (ओ०टी०एस०) 2026 दिनांक 17 जुलाई 2026 तक संचालित है। उक्त योजना का लाभ डिफाल्टर आवंटी ले सकते हैं। निर्धारित तिथि तक उक्त योजना का लाभ नहीं उठाते हैं तो आर०सी० जारी करने की कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि प्राधिकरण की समस्त योजनाओं में जिनके द्वारा भवन/भूखण्ड का बकाया धनराशि जमा कर दी गयी है या अवशेष है ऐसे आवंटी अपने भवन/भूखण्ड की बकाया धनराशि जमा करके विक्रय विलेख 15 दिवस में करा लें, अन्यथा की स्थिति में भवन/भूखण्ड के निरस्तीकरण की कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जायेगी, जिसके समस्त जिम्मेदारी स्वयं आवंटियों की होगी।
इस अवसर पर सचिव, रायबरेली विकास प्राधिकरण/अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विशाल यादव सहित आरडीए के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।