रायबरेली- अस्पताल के गेट पर प्रसव मामले में पर हुई कार्यवाही

रायबरेली- अस्पताल के गेट पर प्रसव मामले में पर हुई कार्यवाही

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

जांच में लेबर रूम स्टाफ की लापरवाही उजागर, चार स्टाफ नर्स हटाईं, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर भी कार्रवाई के निर्देश

रायबरेली- जिला महिला चिकित्सालय के मुख्य गेट पर प्रसूता के प्रसव के मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच पूरी हो गई है। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देश पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने सोमवार को जिला महिला चिकित्सालय पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान लेबर रूम के स्टाफ और प्रसूता की जेठानी अर्चना के बयान दर्ज किए गए।
जांच में लेबर रूम के स्टाफ की लापरवाही सामने आने पर चार स्टाफ नर्सों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें संविदा स्टाफ नर्स पिंकी और बबली तथा नियमित स्टाफ नर्स रेखा और साधना शामिल हैं। चारों को तत्काल प्रभाव से लेबर रूम से हटा दिया गया है। वहीं एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की भूमिका भी सामने आने पर उसके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जांच में सामने आया कि प्रसव से पहले गर्भवती महिला को अस्पताल से बाहर भेजे जाने में लेबर रूम के स्टाफ की लापरवाही रही। अस्पताल से बाहर किए जाने के बाद प्रसूता ने मुख्य गेट के पास ही बच्चे को जन्म दे दिया था। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था और जिलाधिकारी ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे।
प्रभारी सीएमओ डॉ. मनोज शुक्ला ने महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. निर्मला साहू को अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लेबर रूम से हटाए गए कर्मचारियों के स्थान पर नए स्टाफ की तैनाती कर दी गई है, ताकि प्रसव सेवाएं प्रभावित न हों।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी और उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। दोषी पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और प्रसूताओं की देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।